हैदराबाद, पांच जुलाई (भाषा) निर्वाचन आयोग ने ‘तेलंगाना रक्षणा सेना’ (टीआरएस) से कहा है कि वह पार्टी के लिए कोई दूसरा नाम चुने क्योंकि पार्टी के संक्षिप्त नाम को लेकर आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। पार्टी सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
चुनाव आयोग को हालांकि सैकड़ों आपत्तियां मिलीं, लेकिन उसने उनमें से केवल दो ही के. कविता के नेतृत्व वाली तेलंगाना रक्षणा सेना (टीआरएस) को भेजी हैं।
उन्होंने बताया कि एक आपत्ति तेलंगाना राज्य समिति की ओर से थी जबकि दूसरी आपत्ति टीआरएस नाम वाले महाराष्ट्र के एक संगठन की ओर से थी।
तेलंगाना राज्य समिति, तेलंगाना के सिद्दिपेट ज़िला मुख्यालय शहर से है।
कविता की टीआरएस ने दो आपत्तियों का जवाब दिया है और निर्वाचन आयोग से सभी आपत्तियां उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। सूत्रों के अनुसार, टीआरएस ने कहा है कि वह “हर एक आपत्ति” का जवाब देगी।
पार्टी अपने नाम के बचाव के लिए कानूनी रास्ता अपनाने पर भी विचार कर रही है।
बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता ने 25 अप्रैल, 2026 को टीआरएस बनाई थी और बाद में नियमों के अनुसार अखबारों में विज्ञापन देकर आपत्तियां (अगर कोई हों तो) मांगी थीं।
राव (जिन्हें केसीआर के नाम से भी जाना जाता है) के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) का मूल नाम तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) था।
केसीआर ने तेलंगाना से बाहर पार्टी का दायरा बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजनाओं के साथ दिसंबर 2022 में टीआरएस का नाम बदलकर बीआरएस कर दिया था। हालांकि, दिसंबर 2023 में बीआरएस के सत्ता गंवाने से इन योजनाओं को झटका लगा।
टीआरएस नाम तेलंगाना में काफी लोकप्रिय है। केसीआर ने तेलंगाना राज्य के गठन के लिए संघर्ष करने के मकसद से 2001 में टीआरएस की शुरुआत की थी।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश