अहमदाबाद, 23 जून (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संजोयक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को पार्टी विधायक चैतर वसावा के समर्थन में आगे आए, जिन्हें गुजरात की एक अदालत ने 2023 के आपराधिक मामले में दोषी करार देते हुए सात साल की जेल की सजा सुनाई है।
केजरीवाल ने दावा किया कि वसावा पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। उन्होंने राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह मामला गुजरात में आदिवासियों के बीच वसावा की बढ़ती लोकप्रियता के चलते भाजपा की ओर से उनके खिलाफ रची गई साजिश का हिस्सा है।
नर्मदा जिले के राजपीपला शहर की एक सत्र अदालत ने वन अधिकारियों पर हमले और जबरन वसूली के मामले में वसावा, उनकी पत्नी और सात अन्य लोगों को सोमवार को सात साल की जेल की सजा सुनाई।
सरकारी वकील वंदना भट्ट ने बताया कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवी हिरपारा ने इन लोगों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश में कहा कि आदिवासी समुदाय के बीच वसावा की बढ़ती लोकप्रियता के कारण उनके विरोधियों ने पिछले कुछ महीनों में उनके खिलाफ साजिश रची।
उन्होंने कहा, “वसावा के खिलाफ साजिश रची गई, झूठा मामला दर्ज किया गया और आज उन्हें सात साल की जेल की सजा सुनाई गई।”
केजरीवाल ने भाजपा को “ईडी पार्टी” करार देते हुए कहा कि सत्ताधारी दल जानता था कि जब तक वसावा उस इलाके में रहेंगे, वह अपने नेता को वहां से विधायक के रूप में नहीं निर्वाचित करा सकेगा।
वसावा 2022 में नर्मदा जिले के डेडियापाडा (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे।
केजरीवाल ने दावा किया, “इसलिए उन्होंने (भाजपा) वसावा को सात साल की जेल की सजा दिलाने की साजिश रची, ताकि उन्हें विधायक के पद से हटाया जा सके।”
‘आप’ प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र दबाव और गुंडागर्दी से नहीं चलता और वे वसावा को जितना दबाने की कोशिश करेंगे, वे उतने ही बड़े नेता के रूप में उभरेंगे।
भाषा
पारुल माधव
माधव