तिरुवनंतपुरम, चार फरवरी (भाषा) केरल विधानसभा ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें केंद्र सरकार से राज्य के प्रति कथित ‘‘उपेक्षा बंद करने और उसकी जायज मांगों को स्वीकार’’ करने का आग्रह किया गया।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा पेश किया गया यह प्रस्ताव कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) विपक्ष की अनुपस्थिति में सदन से पारित हुआ।
प्रस्ताव पढ़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार केरल की जरूरतों की अनदेखी कर रही है और राज्य के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है।
उन्होंने कहा कि यह इस बात से स्पष्ट है कि केंद्रीय बजट में केरल के लिए एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित करने या हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का कोई उल्लेख नहीं किया गया, जबकि राज्य को इन दोनों की आवश्यकता है।
विजयन ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य पर वित्तीय पाबंदियां थोप रही है और उसे मिलने वाली उसकी वैध धनराशि में कटौती कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ने वायनाड के आपदाग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्वास के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता भी उपलब्ध नहीं करायी।
भाषा खारी अमित
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