महाराष्ट्र: एम्बुलेंस ने शव को रास्ते में छोड़ा, परिजनों को मजबूरन झोली में ले जाना पड़ा

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महाराष्ट्र: एम्बुलेंस ने शव को रास्ते में छोड़ा, परिजनों को मजबूरन झोली में ले जाना पड़ा

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  • Publish Date - February 6, 2026 / 07:21 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 07:21 PM IST

पालघर, छह फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के पालघर जिले में निजी एम्बुलेंस ने मरीज के शव को बीच रास्ते में ही छोड़ दिया और उसके परिजनों को मजबूरन शव को कपड़े की झोली बनाकर उसमें डालकर घर ले जाना पड़ा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पालघर जिला परिषद ने एक विज्ञप्ति में कहा कि एम्बुलेंस चालक के कथित दावे के विपरीत, व्यक्ति जिस गांव में रहता था, वहां तक ​​जाने वाली 1.8 किलोमीटर लंबी सड़क पर वाहन चल सकते हैं।

इसमें कहा गया कि सांस लेने में तकलीफ और आंतरिक रक्तस्राव से पीड़ित शैलेश मगन वागदादा को तीन फरवरी को वेदांता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसी शाम उनकी मृत्यु हो गई।

शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल की एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया गया। लेकिन तिलौंडा रोड पर चंभरशेत पहुंचने के बाद, चालक ने कथित तौर पर आगे जाने से इनकार कर दिया, और इसके लिए उसने वागदादा के गांव अंबेपाड़ा की ओर जाने वाली कच्ची सड़क की खराब हालत का हवाला दिया।

शव के साथ मौजूद रिश्तेदारों ने उसे कपड़े की एक झोली में रखा और शेष दूरी पैदल चलकर अपने घर पहुंचे।

विज्ञप्ति के अनुसार, तिलोंडा मुख्य सड़क से अंबेपाड़ा तक 1.8 किलोमीटर लंबी सड़क 2024-25 में बनकर तैयार हो गई थी और इस पर जीप और पिक-अप वैन जैसे वाहन चलते हैं।

पालघर जिला परिषद के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रविंद्र शिंदे ने कहा कि चालक को शायद किसी ने गुमराह किया होगा कि वाहन गांव में प्रवेश नहीं कर सकता।

भाषा आशीष नरेश

नरेश