केरलम: मुख्यमंत्री, नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें दी श्रद्धांजलि

केरलम: मुख्यमंत्री, नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें दी श्रद्धांजलि

केरलम: मुख्यमंत्री, नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें दी श्रद्धांजलि
Modified Date: August 20, 2026 / 11:41 am IST
Published Date: August 20, 2026 11:41 am IST

तिरुवनंतपुरम, 20 अगस्त (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और राज्य के कांग्रेस नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती पर बृहस्पतिवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

सतीशन ने राजीव गांधी को एक दूरदर्शी नेता बताया जिन्होंने अपना जीवन देश के नाम कर दिया और भारत को एक नयी दुनिया का सपना देखना सिखाया।

सतीशन ने ‘फेसबुक’ पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर अपने छोटे से कार्यकाल में राजीव गांधी ने भारत को आधुनिक दुनिया की ओर ले जाने में मदद की और देश के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास को अभूतपूर्व गति दी।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के दुनियाभर के नेताओं के साथ गर्मजोशी से भरे व्यक्तिगत संबंध थे और वह एक कुशल राजनयिक भी थे जिन्होंने भारत की विदेश नीति को कुशलतापूर्वक और स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया।

सतीशन ने कहा कि प्यार, मानवता और धर्मनिरपेक्षता पर आधारित क्रांतिकारी फैसलों के जरिए राजीव गांधी आधुनिक भारत के निर्माता बने और उनकी स्मृतियां देश को प्रेरित करती रहती हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और अलाप्पुझा से सांसद केसी वेणुगोपाल ने राजीव गांधी को याद करते हुए 1986 में गोरखालैंड आंदोलन के दौरान दार्जिलिंग की उनकी यात्रा और लोगों की चिंताओं को दूर करने की उनकी कोशिशों का जिक्र किया।

‘फेसबुक’ पोस्ट में वेणुगोपाल ने बताया कि यात्रा के दौरान राजीव गांधी ने अपने साथ मौजूद लोगों से कहा था, ‘‘भले ही वे मुझसे मिलने न आ पाएं फिर भी वे मेरी बात सुन सकते हैं।’’

वेणुगोपाल ने कहा कि राजीव गांधी 1986 के आखिर में दार्जिलिंग गए थे जब गोरखालैंड आंदोलन अपने चरम पर था।

सुभाष घिसिंग की अगुवाई वाले ‘गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट’ ने प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान उनके बहिष्कार का आह्वान किया था।

वेणुगोपाल ने कहा कि विरोध की आशंका के बावजूद राजीव गांधी ने अपने पहले से तय कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं किया और दार्जिलिंग के ‘नॉर्थ पॉइंट ग्राउंड’ में 100 से भी कम लोगों की सभा को संबोधित करने का फैसला किया।

उन्होंने राजीव गांधी को एक ऐसे नेता के रूप में भी वर्णित किया जिन्होंने भारतीय युवाओं को सपने देखने के लिए प्रेरित किया और देश को शांति की ओर अग्रसर किया तथा उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की।

राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने ‘फेसबुक’ पोस्ट में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने उनके राजनीतिक जीवन को गहराई से प्रभावित और निर्देशित किया था।

चेन्निथला ने कहा, ‘‘वह ऐसे नेता थे जिन्होंने मेरे राजनीतिक जीवन को आकार दिया। उन्होंने ही मुझे राष्ट्रीय राजनीति का मार्ग दिखाया।’’

उन्होंने कहा कि देश राजीव गांधी की जयंती पर सद्भावना दिवस मनाता है, जो लोगों को धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित राष्ट्रवाद की याद दिलाता है। उन्होंने कहा, ‘‘राजीव जी, आपको मेरी श्रद्धांजलि।’’

श्रम मंत्री बिंदु कृष्णा ने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।

बिजली मंत्री और केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसफ ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर राजीव गांधी की तस्वीर पोस्ट की और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। वह 40 वर्ष की उम्र में 31 अक्टूबर 1984 को देश के प्रधानमंत्री बने और दो दिसंबर 1989 तक इस पद पर रहे। तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में 21 मई 1991 को चुनावी सभा के दौरान आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई थी।

उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।

भाषा सुरभि शोभना

शोभना


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