कासरगोड (केरल), आठ मई (भाषा) केरल विधानसभा की उडुमा सीट से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित के. नीलकांतन ने शुक्रवार को शिकायत की कि राजधानी तिरुवंनतपुरम में पार्टी विधायक दल (सीएलपी) की हुई बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी प्राथमिकता दर्ज नहीं की गई।
नीलकांतन के मुताबिक, उन्होंने इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) पर्यवेक्षकों से शिकायत की है।
उनकी प्रतिक्रिया तब आई जब एक राष्ट्रीय दैनिक ने एक तस्वीर प्रकाशित की जिसमें कथित तौर पर एआईसीसी पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक बृहस्पतिवार को सीएलपी बैठक के बाद बाहर आते समय एक सूची पकड़े हुए दिखे।
खबरों के मुताबिक, सूची में कांग्रेस विधायकों के नाम और मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी पसंद को दर्शाने वाला एक कॉलम था।
इसमें संदीप वारियर, सजीव जोसेफ, टी ओ मोहनन, सनी जोसेफ, उषा विजयन और टी सिद्दीकी सहित कुछ विधायकों ने अपनी पसंद के रूप में ‘केसी’ दर्ज किया था, जिसे मुख्यमंत्री पद के लिए के सी वेणुगोपाल के प्रति समर्थन माना गया।
खबरों के मुताबिक, आई सी बालकृष्णन के नाम के आगे ‘‘केसी+आरसी’’ लिखा हुआ था।
‘आरसी’ शब्द का अर्थ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला से लगाया गया, जो मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक हैं।
खबरों के मुताबिक, हालांकि नीलकांतन के नाम के आगे की जगह खाली थी।
नीलकांतन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री की पसंद के संबंध में अपनी राय एआईसीसी पर्यवेक्षकों वासनिक और अजय माकन को बता दी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने तस्वीर देखी। मुझे नहीं पता कि मेरी पसंद दर्ज क्यों नहीं की गई। मैंने इस संबंध में एआईसीसी पर्यवेक्षकों वासनिक और माकन को ईमेल भेजा है और अपनी शिकायत दर्ज कराई है।’’
फिलहाल, वी डी सतीशन, के सी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान द्वारा लिया जाएगा। इस संबंध में सीएलपी ने प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री के चयन का निर्णय करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत कर दिया था।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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