अल्पसंख्यकों पर हमला करने वालों से केरल के मुख्यमंत्री की सांठगांठ: राहुल गांधी

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अल्पसंख्यकों पर हमला करने वालों से केरल के मुख्यमंत्री की सांठगांठ: राहुल गांधी

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 01:04 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 01:04 PM IST

अलप्पुझा (केरल), चार अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक गठबंधन (एलडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि देश के अन्य हिस्सों में “अल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले” लोगों के साथ मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की सांठगांठ है।

गांधी ने यहां एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भाजपा-एलडीएफ के बीच गठजोड़ का आरोप दोहराया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर चुनाव प्रचार के दौरान शबरिमला मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता के साथ मंच साझा करने वाले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व नेता जी सुधाकरन का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा कि उनकी मौजूदगी एलडीएफ के भीतर गहरी दरार का संकेत है।

सुधाकरन अंबलपुझा से यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

गांधी ने कहा, “मंच पर एक वरिष्ठ वामपंथी नेता बैठे हैं। इसके पीछे कारण है। ऐसा नहीं है कि उन्होंने अचानक अपनी सोच बदल ली है। जो लोग वर्षों तक किसी राजनीतिक संगठन में रहते हैं, वे उसके मूल्यों को आत्मसात कर लेते हैं। वे अवसरवादिता के कारण यहां नहीं हैं, बल्कि इसलिए हैं क्योंकि एलडीएफ में मूल भावना बदल गई है।”

उन्होंने कहा, “एलडीएफ का मतलब है ‘वाम लोकतांत्रिक मोर्चा’, लेकिन अब साफ तौर पर उसमें कुछ भी ‘वामपंथी’ नहीं रह गया है। चुनाव के बाद स्थिति और भी बदतर हो जाएगाी।’’

गांधी ने आरोप लगाया कि एलडीएफ ऊपर से कुछ और दिखती है, लेकिन असल में उसकी दिशा कहीं और से तय हो रही है, इसी कारण उसके नेता व कार्यकर्ता भी असहज हैं।

उन्होंने कहा, “एलडीएफ पर ऐसी ताकतों का प्रभाव है जो सांप्रदायिक राजनीति करती हैं, भारत के संविधान को नहीं मानतीं, लोगों को बांटती हैं और नफरत फैलाती हैं। केरल में हर कोई भाजपा, आरएसएस तथा माकपा के बीच संबंध देख सकता है।”

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एलडीएफ में दो तरह के नेता हैं-“एक वे जो सत्ता के लिए अवसरवादी रुख अपनाते हैं और भाजपा-आरएसएस के समर्थन की परवाह नहीं करते, तथा दूसरे वे जो वर्षों तक पार्टी के लिए काम करने के बाद अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।”

गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह अन्य राज्यों में अपने भाषणों में धर्म और मंदिरों की बात करते हैं, लेकिन केरल में शबरिमला से जुड़े मुद्दों पर चुप रहते हैं।

उन्होंने कहा, “मैं भाजपा और आरएसएस का सामना करता हूं। वे मुझ पर हमला करते हैं, मेरे खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं, मुझसे पूछताछ होती है, लेकिन मैं पीछे नहीं हटता। मोदी मुझ पर रोज हमला करते हैं, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री व उनके परिवार पर कुछ क्यों नहीं बोलते?”

गांधी ने आरोप लगाया, “जब मोदी केरल आते हैं, तो वह धर्म और मंदिरों की बात नहीं करते, क्योंकि वह एलडीएफ की मदद करना चाहते हैं। सच्चाई यह है कि वह जानते हैं कि एलडीएफ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चुनौती नहीं देगा।”

उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं।

गांधी ने कहा, “यहां की दो नन पर छत्तीसगढ़ में हमला हुआ, मणिपुर में चर्च जलाए गए। जो लोग अल्पसंख्यकों-मुसलमानों, ईसाइयों और सिखों पर हमला कर रहे हैं, उन लोगों के साथ मुख्यमंत्री की सांठगांठ है।”

भाषा खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल