तिरुअनंतपुरम। केरल कांग्रेस ने वह आवाज उठाई है जो अक्सर विद्वतजनों के बीच चर्चा में सुनाई देती है। केरल कांग्रेस के युवा विधायक राज्यसभा के पीजे कुरियन को एक बार फिर राज्यसभा भेजे जाने के खिलाफ नजर आ रहे हैं। इन विधायकों का साफ कहना है कि राज्यसभा उच्च सदन है, उसे ‘ओल्ड एज होम’ (वृद्धाश्रम) नहीं बनाया जाना चाहिए।
बता दें कि केरल से राज्यसभा की 3 सीटें एक जुलाई को खाली होंगी, जिनमें से एक कुरियन की है। लेकिन पार्टी के युवा विधायकों वीटी बलराम, हिबी इडेन, अनिल अक्करा, रोजी एम जॉन और शफी परमबिल ने कुरियन को एक और कार्यकाल दिए जाने संबंधी किसी भी कदम के खिलाफ अपनी बात रखी है।
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इन्हीं में से हिबी इडेन ने फेसबुक पर लिखा कि ‘उच्च सदन को वृद्धाश्रम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं के एक समूह में बदल गई है और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को पार्टी के हितों से ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। इसी तरह विधायक रोजी एम जॉन ने लिखा कि जो नेता अपने अंत तक पद पर बने रहना चाहते हैं, वे पार्टी के लिए ‘अभिशाप’ हैं।
उन्होंने कहा कि यदि पार्टी ऐसे बदलाव के लिए तैयार नहीं होगी तो लाखों कार्यकर्ता चुप नहीं रहेंगे और पिछले कुछ दिनों से यही संदेश सुना जा रहा है। उनका आशय हाल ही में चेंगानूर उपचुनाव में कांग्रेस गठबंधन की हुई हार से था।
वह हाल ही में चेंगानूर उपचुनाव में कांग्रेस गठबंधन की हार का जिक्र कर रहे थे। एक अन्य विधायक अनिल अक्कारा ने उम्मीद जताई कि कुरियन संसदीय राजनीति को विदा कहने के लिए इस अवसर का उपयोग करेंगे। वहीं कुरियन ने कहा कि वह कभी भी पार्टी पद के लिए लालयित नहीं रहे और अगर पार्टी दूर रहने के लिए कहती है तो इसके लिए तैयार हैं।
वेब डेस्क, IBC24