पलक्कड़, 20 जुलाई (भाषा) केरल की एक अदालत ने 2025 के चर्चित नेन्मारा दोहरे हत्याकांड मामले में 61 वर्षीय दोषी चेंथमारा को मौत की सजा सुनाई है।
पलक्कड़ के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केनेथ जॉर्ज ने चेंथमारा को 27 जनवरी 2025 को नेन्मारा के निकट पोथुंडी में अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई और 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने चेंथमारा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या), धारा 201 (साक्ष्य मिटाने का प्रयास) और धारा 449 (घर में अनधिकृत प्रवेश) के तहत दोषी करार दिया।
मामले को ‘‘दुर्लभ से दुर्लभतम’’ श्रेणी का बताते हुए अदालत ने कहा कि दोषी ने एक ही परिवार के कई सदस्यों की निर्मम हत्या की है।
चेंथमारा को इससे पहले 2019 में सुधाकरन की पत्नी सजीथा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन के अनुसार, उसने अपनी वैवाहिक समस्याओं के लिए सजीथा को जिम्मेदार मानते हुए उनकी हत्या की थी।
जनवरी 2025 में उस मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद चेंथमारा ने कथित तौर पर सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की भी हत्या कर दी।
दोहरे हत्याकांड के तुरंत बाद पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसे मलमपुझा जेल भेज दिया गया।
सजीथा हत्याकांड में एक अदालत पहले ही चेंथमारा को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है।
दोहरे हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 81 गवाहों के बयान दर्ज कराए और अदालत के समक्ष 28 भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए।
भाषा खारी वैभव
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