केरलम:पूर्व डीजीपी टोमिन थाचनकारी को 36 साल पुराने मामले में चार साल जेल की सजा

केरलम:पूर्व डीजीपी टोमिन थाचनकारी को 36 साल पुराने मामले में चार साल जेल की सजा

केरलम:पूर्व डीजीपी टोमिन थाचनकारी को 36 साल पुराने मामले में चार साल जेल की सजा
Modified Date: September 18, 2026 / 07:09 pm IST
Published Date: September 18, 2026 7:09 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 18 सितंबर (भाषा) अलप्पुझा स्थित एक परिवार और पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) टोमिन जे थाचनकारी के बीच 36 साल से जारी कानूनी लड़ाई का तब पटाक्षेप होता दिखा जब कोट्टायम की एक अदालत ने डीजीपी को चार साल कैद की सजा सुनाई।

एक शिकायत से शुरू हुए इस मामले में बृहस्पतिवार को उस समय महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी को सजा सुनाई।

हालांकि, शिकायतकर्ता बॉबी कुरुविला ने कहा कि कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और वह आगे भी कार्रवाई जारी रखेंगे।

कोट्टायम की एक सतर्कता अदालत ने बृहस्पतिवार को थाचनकारी को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति जुटाने के मामले में चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 30.84 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। बाद में उन्हें तिरुवनंतपुरम की पूजाप्पुरा केंद्रीय जेल भेज दिया गया।

थाचनकारी ने शुक्रवार को फैसले के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय में अपील दायर की। कुरुविला ने कहा कि वह फैसले से संतुष्ट हैं और थाचनकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए एक और शिकायत लेकर सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) का रुख करेंगे।

कुरुविला ने एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘फैसले से बहुत खुश हूं। इतने वर्षों तक लड़ने के पीछे एक उद्देश्य था। हर कोई हमें हतोत्साहित करता था और कहता था कि थाचनकारी एक बड़ी हस्ती और अमीर व्यक्ति हैं तथा डीजीपी स्तर के शक्तिशाली अधिकारी रहे हैं। उनका व्यवहार भी ऐसा ही था। लेकिन मैं अपनी लड़ाई को लेकर अडिग रहा।’’

कुरुविला के अनुसार, थाचनकारी के साथ विवाद वर्ष 1990 का है, जब पूर्व आईपीएस अधिकारी अलाप्पुझा में सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के पद पर तैनात थे।

कुरुविला ने आरोप लगाया कि थाचनकारी ने उन्हें और उनके परिवार को एक झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि वह, उनके पिता और भाई ने थाचनकारी के एक रिश्तेदार पर रिवॉल्वर तानकर हमला करने की कोशिश की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘यही सबकी शुरुआत थी। टोमिन थाचनकारी ने हमारे साथ जो किया, उसे हम कभी नहीं भूल सकते। मेरे पिता ने तत्कालीन डीजीपी से शिकायत की थी। बाद में अपराध शाखा ने मामले की जांच की और रिपोर्ट दी कि यह मामला पूरी तरह झूठा था।”

कुरुविला ने कहा कि इसके बाद ही परिवार ने थाचनकारी के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की। उन्होंने कहा कि कुरुविला और उनके परिवार के खिलाफ पहला मामला 13 सितंबर, 1990 को दर्ज किया गया था और तब से 36 साल चार दिन बीत चुके हैं।

कुरुविला ने आरोप लगाया कि थाचनकारी और उनकी टीम ने उनके परिवार और रिश्तेदारों को परेशान किया तथा उनके घरों में पुलिस ने तलाशी ली जिनमें वे मौके भी शामिल थे जब रात के समय घर में केवल महिलाएं मौजूद थीं।

भाषा संतोष नरेश

नरेश


लेखक के बारे में