कोच्चि, पांच मार्च (भाषा) केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बृहस्पतिवार को कलाडी स्थित श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय की कुलपति के.के. गीताकुमारी को पद से हटा दिया।
राज्य सरकार के स्वामित्व वाले विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति आर्लेकर ने के.के. गीताकुमारी को बर्खास्त कर दिया।
एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति सिजा थॉमस को अगले आदेश तक श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। केरल लोकभवन द्वारा जारी अधिसूचना में गीताकुमारी को पद से हटाने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता से हालांकि प्रतिक्रिया के लिए संपर्क नहीं हो सका।
पिछले महीने, राज्यपाल ने विश्वविद्यालय सिंडिकेट के उस निर्णय पर रोक लगा दी थी, जिसमें ललित कला स्नातक (बीएफए) के एक छात्र को अनुत्तीर्ण घोषित कर उत्तीर्ण मान लिया गया था।
वर्ष 2005 में बीएफए पाठ्यक्रम में अनुत्तीर्ण हुए ए. कलेश नाम के एक छात्र को बाद में ललित कला स्नातकोत्तर (एमएफए) कार्यक्रम में प्रवेश दिया गया, जिसे उसने 2023 में पूरा किया।
सिंडिकेट ने एसएफआई कार्यकर्ता कलेश को एक विशेष मामले के रूप में मानते हुए बीएफए की डिग्री प्रदान करने का निर्णय लिया था।
विश्वविद्यालय बचाओ अभियान समिति (एसयूसीसी) ने हालांकि इस मुद्दे को लेकर सरकार के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी।
समिति ने कुलपति के खिलाफ राज्यपाल से शिकायत भी की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने (कुलपति ने) सहायक प्रोफेसरों की भर्ती पर रोक लगाने वाले आदेश का उल्लंघन किया और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संकाय सदस्यों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया।
शिकायत के बाद, आर्लेकर ने पिछले महीने विश्वविद्यालय में संकाय सदस्यों की नियुक्तियां रोक दीं।
नियमों का उल्लंघन करते हुए क्रिकेट स्टेडियम के लिए भूमि आवंटित करने के लिए भी कुलपति के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई थीं।
भाषा जितेंद्र माधव
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