कोझिकोड (केरल), सात जुलाई (भाषा) केरल के मंत्री रोजी एम. जॉन ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को ‘सांप्रदायिक’ बनाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसे कदमों का कड़ा विरोध करेगी।
कालीकट विश्वविद्यालय छात्र संघ के एक कार्यक्रम में छात्रों से बातचीत के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक स्वरूप की रक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी भी स्तर पर शिक्षा क्षेत्र को सांप्रदायिक बनाने की कोशिश को सफल नहीं होने देंगे। शिक्षण संस्थानों को न केवल ज्ञान देना चाहिए, बल्कि धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र जैसे मूल्य भी सिखाने चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विश्वविद्यालय परिसर को लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष स्थल बना रहना चाहिए। हम इसमें सांप्रदायिक विचारों या प्रभावों का प्रवेश कराने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध करेंगे।’’
इसके पहले केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर द्वारा विश्वविद्यालयों की शासी परिषद में अपनी पसंद के लोगों की नियुक्ति (इसमें कुलपति की नियुक्ति शामिल है) के बाद जॉन ने आरोप लगाया था कि उच्च शिक्षा क्षेत्र का ‘भगवाकरण’ करने की कोशिशें की जा रही हैं।
भाषा संतोष सुरेश
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