कोच्चि, तीन जून (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान चर्चा में आई लड़की के पति को बुधवार को एक महीने की ट्रांजिट जमानत दे दी और कहा कि प्रथम दृष्टया युवती बालिग प्रतीत होती है।
अदालत ने युवती के पति को जमानत दी ताकि वह अपने खिलाफ दर्ज अपहरण के मामले में मध्यप्रदेश की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर सके।
लड़की के पति मोहम्मद फरमान पर उसके अपहरण का आरोप है। मध्यप्रदेश पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कराया है, जिन्होंने दावा किया है कि लड़की नाबालिग है।
हालांकि, न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागत ने लड़की के जन्म प्रमाण पत्र पर गौर करने के बाद कहा कि इसमें उसकी जन्म तिथि एक जनवरी, 2008 दिखाई गई है, इसलिए प्रथम दृष्टया वह बालिग है।
मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने दावा किया कि लड़की नाबालिग है और उसका जन्म प्रमाण पत्र जाली है।
अदालत ने राजू की दलील खारिज करते हुए कहा कि यह ‘‘जांच का विषय’’ है।
अदालत ने कहा, ‘‘जन्म प्रमाण पत्र के अलावा, आवेदकों द्वारा प्रस्तुत आवेदक संख्या 2 (कुंभ मेला से चर्चा में आई लड़की) का चुनाव पहचान पत्र और बैंक पासबुक यह दर्शाती है कि वह बालिग है और उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी, 2008 है।’’
उसने कहा, ‘‘इस प्रकार, आवेदकों (फरमान और लड़की) द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि आवेदक संख्या-2 बालिग है। आवेदक संख्या-2 स्वयं भी बालिग होने का दावा करती है। आवेदक संख्या-2 ने हलफनामे में कहा है कि उसने आवेदक संख्या-1 से विवाह किया है।’’
अदालत ने कहा कि फरमान मध्य प्रदेश की संबंधित अदालत में जाकर तीन जून से एक महीने की अवधि के अंदर कानून के अनुसार अग्रिम जमानत का अनुरोध कर सकता है।
भाषा शफीक जोहेब
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