कोच्चि, छह अगस्त (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने अपनी सौतेली बेटी से बलात्कार करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसने पीड़िता का ‘‘बेरहमी’’ से और ‘‘कई बार’’ यौन शोषण किया जिसके कारण वह गर्भवती हो गई।
अदालत ने कहा कि ‘केस डायरी’ देखने से पता चलता है कि पश्चिम बंगाल के रहने वाले इस व्यक्ति पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं और प्रथमदृष्ट्या यह उसकी सोची-समझी आपराधिक हरकत प्रतीत होती है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने 14 वर्षीय अपनी सौतेली बेटी का उस समय यौन उत्पीड़न किया जब पीड़िता की मां पश्चिम बंगाल स्थित अपने घर गई हुई थी।
अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा, ‘‘पीड़िता के साथ कई बार जबरन यौन संबंध बनाने का आरोप भी है। कई बार हुए इन यौन हमलों के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई।’’
आरोपी के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को इस मामले में झूठा फंसाया गया है और वह जमानत पाने का हकदार है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा, ‘‘यह एक ऐसा मामला है जिसमें पीड़िता बच्ची के सौतेले पिता ने बेरहमी से और कई बार उसका यौन शोषण किया।’’
अदालत ने कहा, ‘‘अपराध की प्रकृति, उसकी गंभीरता, इसमें आरोपी की भूमिका और ऊपर बताई गई बातों और हालात को देखते हुए, मेरा मानना है कि आरोपी को इस चरण में जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता इसलिए जमानत की याचिका खारिज की जाती है।’’
भाषा सिम्मी गोला
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