देहरादून, छह अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और भागीरथी समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं और खतरे का निशान पार कर गयी हैं या उसके करीब बह रही हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूसी) के हवाले से बताया कि रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी सुबह छह बजे खतरे के निशान 627 मीटर पर बह रही है और उसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा, रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी का जलस्तर सुबह सात बजे 626.20 मीटर मापा गया जो खतरे के निशान 626 मीटर से 0.20 मीटर उपर है और यह लगातार बढ़ रहा है।
इसी प्रकार, देवप्रयाग में भागीरथी सुबह छह बजे चेतावनी स्तर 462 मीटर पर बह रही थी और उसका जलस्तर बढ़ रहा है। हरिद्वार में रायसी (बाणगंगा) सुबह छह बजे 230.09 मीटर पर बह रही थी जो चेतावनी के स्तर से 0.09 मीटर उपर है और इसका भी जलस्तर बढ़ रहा है।
नदियों के जलस्तर को देखते हुए रुदप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने ‘आरटी संदेश’ जारी किया जिसमें अधिकारियों से उच्च सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की संभावित आपदा के लिए तैयारी का उच्चतम स्तर बनाए रखने को कहा गया है।
संदेश में कहा गया है कि आमजन खासकर नदी के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा एवं सतर्क रहने के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से चेतावनी जारी की जाए और किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा को लेकर तैयारी का उच्चतम स्तर बनाए रखा जाए।
इस बीच, आपदा प्रबंधन कार्यालयों से मिली जानकारी के अनुसार, चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग हेलंग के पास में मलबा आने से अवरूद्ध हो गया है जबकि उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धरासू नालूपानी के पास और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सिलाई बैंड, दुर्बिल, जंगलचट्टी, स्यानाचट्टी के पास लगातार पत्थर व मलबा आने के कारण बाधित हो गया है।
मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन से हालात की जानकारी लेते हुए संभावित आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य की सभी एजेंसियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के निर्देश दिए हैं।
सुमन ने बताया कि मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार के लिए देहरादून, चमोली एवं बागेश्वर जिलों में बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा राज्य के शेष जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है और ऐसी परिस्थितियों में सभी संबंधित विभागों को प्रशासन ने अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
आपदा प्रबंधन सचिव ने प्रदेशवासियों एवं राज्य में आए पर्यटकों से भी अपील की है कि इस दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व मौसम एवं मार्ग की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में बृहस्पतिवार को कक्षा 12 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
भाषा दीप्ति सिम्मी सुरभि
सुरभि