अशोक गहलोत ने डांगावास हत्याकांड में फैसले को बेहद चिंताजनक बताया

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अशोक गहलोत ने डांगावास हत्याकांड में फैसले को बेहद चिंताजनक बताया

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 09:58 AM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 09:58 AM IST

जयपुर, छह अगस्त (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नागौर डांगावास हत्याकांड में स्थानीय अदालत के फैसले को बेहद चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि 11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बावजूद इंसाफ नहीं मिलना जांच और अभियोजन की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है।

उल्लेखनीय है कि नागौर जिले के विशिष्ट न्यायालय (अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जाति) ने डांगावास हत्याकांड के सभी 40 आरोपियों को बुधवार को बरी कर दिया। साल 2015 में इस हत्याकांड में जमीन विवाद को लेकर पांच दलितों की हत्या कर दी गई थी।

गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आया फैसला बेहद चिंताजनक है। 2015 में जमीन विवाद में पांच दलितों समेत छह लोगों की निर्मम हत्या हुई थी और अब एससी-एसटी विशेष अदालत ने सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। पीड़ित परिवारों का सवाल जायज है, अगर 40 आरोपी बरी हो गए तो इन छह लोगों की हत्या आखिर किसने की?’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच और सुनवाई के बावजूद इंसाफ नहीं मिलना जांच और अभियोजन की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है।’’

उन्होंने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर भी निशाना साधा।

गहलोत ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार के शासन में 11 साल पहले ऐसी घटना होना और अब उन्हीं के शासन में प्रतिकूल फैसला आना दिखाता है कि भाजपा न्याय के पक्ष में नहीं है। दलित समाज के साथ हुए इस अन्याय में जवाबदेही तय होनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा दलित समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए खड़ी रही है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की प्रक्रिया मजबूती से आगे बढ़नी चाहिए, राज्य सरकार को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

भाषा पृथ्वी सिम्मी सुरभि

सुरभि