तिरुवनंतपुरम, नौ जनवरी (भाषा) केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने केंद्र सरकार द्वारा समय से पहले सेवानिवृत्त किए गए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी की गिरफ्तारी की शुक्रवार को मांग की, जिन्होंने राजनयिक माध्यम से सोने की तस्करी के 2020 के मामले की जांच की थी।
केंद्र सरकार ने एजेंसी के कोच्चि कार्यालय में तैनात रह चुके प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उप निदेशक को कथित तौर पर कदाचार के आरोप में सेवानिवृत्त करने का निर्देश दिया है।
इस अधिकारी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से राजनयिक सामान के जरिए बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी के मामले की जांच की थी, जिसके दौरान मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का कार्यालय भी 2020 में जांच के घेरे में आया।
शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया, “उन्होंने (ईडी अधिकारी) सोने की तस्करी, लाइफ मिशन मामले से जुड़े आरोप लगाकर और मुख्यमंत्री को आरोपी के रूप में पेश करने की कोशिश करके बड़ा विवाद खड़ा किया।”
मंत्री ने कहा कि ईडी अधिकारी ने अपने कार्यकाल के दौरान संभवत: करोड़ों रुपये की संपत्ति जुटाई होगी।
शिवनकुट्टी ने केंद्र सरकार के अधिकारी को समय से पहले सेवानिवृत्त करने के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि कार्रवाई यहीं समाप्त नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “उनका (ईडी अधिकारी का) प्रभाव अभी भी है। उनके खिलाफ कदाचार के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजने के बाद विस्तृत जांच की जानी चाहिए।”
ईडी की सोने की तस्करी मामले की जांच के कारण 2020 में एजेंसी और केरल सरकार के बीच तनातनी देखी गई थी। ईडी ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने तिरुवनंतपुरम में यूएई दूतावास के साथ सीधे संपर्क बना कर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।
जांच के दौरान, एजेंसी ने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के विधायक के. टी. जलील और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव सी. एम. रवींद्रन से भी पूछताछ की थी।
बाद में अधिकारी का तबादला श्रीनगर स्थित ईडी कार्यालय में कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में तबादले को चुनौती दी, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
अधिकारी ने अभी तक इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
भाषा
खारी मनीषा
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