तिरुवनंतपुरम, चार मार्च (भाषा) केरल के निजी अस्पतालों में कार्यरत नर्स के एक वर्ग ने 40,000 रुपये के न्यूनतम मासिक वेतन और लंबित वादों को बिना किसी देरी के लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को हड़ताल शुरू कर दी।
हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड नर्सेज एसोसिएशन (यूएनए) किया था, जिसने सचिवालय तक एक मार्च भी निकाला।
विरोध प्रदर्शन कर रही नर्स के अनुसार, उनके वेतन में आखिरी बार 2018 में संशोधन किया गया था और बढ़ती महंगाई को देखते हुए अब यह अपर्याप्त हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूएनए के तत्वावधान में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने 2023 में वेतन वृद्धि के आदेश जारी किए थे, लेकिन उसे अब तक प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया है।
एक नर्स ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सरकार निजी अस्पताल की नर्स के लिए एक स्पष्ट वेतन प्रणाली लागू करे, जिसका उल्लेख नर्सिंग काउंसिल के विनियम में किया गया है।’’
प्रदर्शनकारी नर्स ने अपनी प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि उनका मूल वेतन 40,000 रुपये तय किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि हड़ताल से निजी अस्पतालों के कामकाज पर असर पड़ सकता है, लेकिन आपातकालीन सेवाओं पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
भाषा खारी अमित
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