पत्तनमथिट्ठा, पांच जुलाई (भाषा) केरल के पत्तनमथिट्ठा जिले की पुलिस 13 वर्षीय एक लड़की द्वारा दर्ज कराई गई उस शिकायत की सत्यता की जांच कर रही है, जिसमें उसने अपने सहपाठियों सहित कई लोगों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
जिले के कूडल थाना पुलिस ने शुक्रवार को एक सरकारी स्कूल की कक्षा 9वीं की छात्रा की शिकायत के आधार पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दो मामले दर्ज किए।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले उसके स्कूल में और एक सहेली के घर पर उसका कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया।
पुलिस ने शनिवार को चार नाबालिगों सहित छह लोगों को हिरासत में लिया।
अधिकारियों ने बताया कि लड़की के बयान के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिसके दौरान कई विरोधाभास सामने आए।
अधिकारियों ने बताया कि बाद में पुलिस ने शिकायतकर्ता का दोबारा बयान दर्ज किया और इस दौरान ‘चाइल्डलाइन’ अधिकारियों को पूर्व में दर्ज कराने गए बयानों से विसंगतियां मिलीं।
पुलिस ने बताया कि लड़की की चिकित्सकीय जांच में भी यौन शोषण या यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला है।
अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त सबूतों के अभाव में, छह लोगों को नोटिस देने के बाद रिहा कर दिया गया। नोटिस में आरोपियों को आवश्यकता पड़ने पर जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस ने शिकायतकर्ता की बहन समेत उसके करीबी लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। शिकायतकर्ता की बहन ने ही सबसे पहले स्कूल के एक शिक्षक को कथित घटनाओं के बारे में सूचित किया था।
पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच ने शिकायत की सत्यता पर गंभीर संदेह पैदा किया है।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि सहपाठी के साथ दोस्ती टूटने के बाद बच्ची ने संभवत: ये आरोप लगाए हैं।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को विस्तृत जांच करने और शिकायतकर्ता तथा संदिग्धों के बयान दोबारा दर्ज करने का जिम्मा सौंपा गया है।
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस ने मामले में कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले जांच के दौरान एकत्र किए गए डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच करने का भी निर्णय लिया है।
भाषा खारी रंजन
रंजन