मियामी गार्डन्स, पांच जुलाई (एपी) टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद केप वर्डे की विश्व कप टीम जब मियामी के अपने होटल पहुंची तो वहां लॉबी का नजारा देखकर उन्हें यकीन ही नहीं हुआ क्योंकि दर्जनों लोग उनका हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद थे और वो भी टीम की हार के बाद।
यह इस बात का पहला संकेत था कि टीम के लिए कई मामलों में चीजें बहुत अलग होने वाली हैं, कम से कम आने वाले समय में तो ऐसा ही होगा। ऐसा तब होता है जब कोई टीम अनजान और लगभग अनसुनी होने से लेकर फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर लियोनेल मेस्सी और अर्जेंटीना को बाहर होने के कगार पर पहुंचाने का सफर तय करती है। टीम भले ही अतिरिक्त समय में 2-3 से हार गई हो लेकिन मैच में टीम का प्रभाव साफ नजर आता है।
केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने कहा, ‘‘अब आराम करने और भविष्य के बारे में सोचने का समय है लेकिन मुझे टीम के प्रदर्शन पर बहुत गर्व है और मुझे उम्मीद है कि भविष्य में हम बड़ी चीजें हासिल कर पाएंगे।’’
केप वर्डे ने अपने पहले विश्व कप में चार मैच खेले जिनमें से एक भी नहीं जीता जो कागज पर बहुत अच्छा नहीं लगेगा। इस टूर्नामेंट की 48 टीम में से दो-तिहाई से अधिक टीम ने कम से कम एक मैच जीता और केप वर्डे उनमें से एक नहीं थी लेकिन रिकॉर्ड पूरी कहानी नहीं बताता।
ग्रुप चरण की शुरुआत उन्होने स्पेन के खिलाफ गोल रहित ड्रॉ के साथ की जिससे नॉकआउट चरण में आगे बढ़ने की संभावना बहुत बढ़ गई। ग्रुप चरण में टीम के दो और मैच ड्रॉ रहे। उरुग्वे के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ और फिर सऊदी अरब के खिलाफ गोल रहित ड्रॉ जिससे टीम ने राउंड ऑफ 32 में जगह पक्की की।
अर्जेंटीना के खिलाड़ियों और कोच ने माना कि उन्हें केप वर्डे के खिलाफ आसान जीत की उम्मीद नहीं थी। और जब मैच खत्म हुआ तो दुनिया के महानतम खिलाड़ियो में शामिल मेस्सी ने कमजोर मानी जाने वाली विरोधी टीम की खूब तारीफ की।
शुक्रवार के मैच के बाद मेस्सी ने कहा था, ‘‘कुछ लोगों को लगा था कि मैच आसान होगा लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग थी। उन्होंने हम पर बहुत दबाव बनाया। नॉकआउट फुटबॉल में कुछ भी आसानी से नहीं मिलता। वे पहले ही स्पेन और उरुग्वे के खिलाफ अच्छा खेल चुके थे इसलिए हमें पता था कि यह मुश्किल होने वाला है।’’
केप वर्डे के लिए भी यह मानना मुश्किल था कि उनका सफर यहीं खत्म हो रहा है। फिर भी जब वे होटल की लॉबी से गुजरे तो ऐसा लगा जैसे कोई विजेता हीरो लौट रहे हों। टीम के कोच बुबिस्टा ने जश्न में मुक्का हवा में लहराया। कई खिलाड़ी मुस्कुराते रहे। वोजिन्हा ने कुछ लोगों से हाथ मिलाया और कुछ तस्वीरें खिंचवाईं।
वे सेलिब्रिटी बन गए थे। लगभग रॉक स्टार की तरह। स्कोर से कोई फर्क नहीं पड़ा। फर्क इस बात से पड़ा कि इन तीन हफ्तों में केप वर्डे ने फुटबॉल की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
बुबिस्टा ने कहा, ‘‘मैं अपनी टीम को उनकी कोशिशों और मैदान पर इतना जज्बा दिखाने के लिए धन्यवाद ही दे सकता हूं और मुझे लगता है कि इस टूर्नामेंट के लिए उन्होंने जो किया उसके लिए सभी को उनका शुक्रिया अदा करना चाहिए।’’
एपी सुधीर पंत
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