तिरुवनंतपुरम, नौ जनवरी (भाषा) अगर केरल सरकार की योजना कामयाब हुई तो राज्य में भारी भरकम स्कूल बैग ढोते छात्र और पढ़ाई में कम रुचि लेने वाले बच्चों से जुड़ी ‘बैकबेंचर्स’ की धारणा बीते दिनों की बात हो जाएगी।
शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने एक बयान में कहा कि स्कूल के बस्ते का बोझ कम करने और ‘बैकबेंचर्स’ से मुक्त कक्षाएं बनाने के प्रस्ताव वाली मसौदा रिपोर्ट को राज्य पाठ्यक्रम संचालन समिति ने मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि इन प्रस्तावों का उद्देश्य बच्चों का बेहतर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है। इसके तहत स्कूल के बस्ते का वजन कम किया जाएगा और कक्षाओं के “लोकतांत्रिकरण” के तहत ऐसा माहौल बनाया जाएगा जिसमें कोई ‘बैकबेंचर्स’ नहीं होगा।
मंत्री ने बताया कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को इन प्रस्तावों का विस्तृत अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और परिषद द्वारा तैयार मसौदा रिपोर्ट को समिति ने मंजूरी दी है।
शिवनकुट्टी ने कहा कि शिक्षा में समाज की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मसौदा रिपोर्ट पर जनता की राय मांगने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट एससीईआरटी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी और शिक्षक, अभिभावक, छात्र तथा आम नागरिक 20 जनवरी तक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि सामान्य शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि जनता से प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए आगामी शैक्षणिक वर्ष से स्कूलों में इन बदलावों को लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि इन उपायों से स्कूल बच्चों के लिहाज से अधिक अनुकूल और समावेशी बनेंगे।
भाषा खारी मनीषा
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