केरल: विश्वविद्यालय विवाद को लेकर एसएफआई का सचिवालय मार्च, पुलिस ने बल प्रयोग किया

केरल: विश्वविद्यालय विवाद को लेकर एसएफआई का सचिवालय मार्च, पुलिस ने बल प्रयोग किया

केरल: विश्वविद्यालय विवाद को लेकर एसएफआई का सचिवालय मार्च, पुलिस ने बल प्रयोग किया
Modified Date: September 2, 2026 / 06:30 pm IST
Published Date: September 2, 2026 6:30 pm IST

तिरुवनंतपुरम, दो सितंबर (भाषा) विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के छात्र संगठन एसएफआई ने विश्वविद्यालयों के ‘भगवाकरण’ का विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में केरल सचिवालय तक एक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान बुधवार को हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल करने के साथ-साथ हल्का बल भी प्रयोग किया।

‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) ने आरोप लगाया कि उसके कार्यकर्ताओं के सचिवालय की ओर बढ़ने के प्रयास के दौरान पुलिस ने कई बार पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया और दावा किया कि पुलिस के लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हो गए।

छात्र संगठन ने यह भी दावा किया कि राज्य भर के जिला केंद्रों पर हुए इसी तरह के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने कार्रवाई की।

संगठन के अनुसार, पलक्कड़ में पुलिस ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर निकाले गए एसएफआई के विरोध मार्च को रोकने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।

ये प्रदर्शन केरल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह के दौरान हुई एक घटना के विरोध में मंगलवार को आयोजित किए गए थे, जिसमें पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया गया था।

एसएफआई का आरोप है कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे के अनुरूप आयोजित किया गया था और इसके विरोध में संगठन ने विश्वविद्यालय मुख्यालय तक मार्च निकाला था।

संगठन ने आरोप लगाया कि इससे पहले निकाले गए मार्च के दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्राओं समेत प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया था।

भाषा

शुभम संतोष

संतोष

संतोष


लेखक के बारे में