केरल: कांग्रेस के कुछ नेताओं को अंतिम मिनट में उम्मीदवार बनाए जाने की आस

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केरल: कांग्रेस के कुछ नेताओं को अंतिम मिनट में उम्मीदवार बनाए जाने की आस

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  • Publish Date - March 19, 2026 / 02:20 PM IST,
    Updated On - March 19, 2026 / 02:20 PM IST

कोच्चि, 19 मार्च (भाषा) केरल में कांग्रेस के जिन नेताओं के नाम आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की शुरुआती सूची में शामिल नहीं किए गए थे, वे अभी भी उम्मीद कर रहे हैं कि पार्टी नेतृत्व आखिरी समय में उनके नाम पर विचार करेगा।

इससे पहले, पार्टी ने 55 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी, और बाकी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा जल्द ही होने की संभावना है।

बृहस्पतिवार को वरिष्ठ नेताओं से मिलने दिल्ली गए पेरुम्बावूर के विधायक एल्डोस कुन्नापिल्ली ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखा है और बताया है कि अगर उन्हें मौका दिया जाता है तो उनके जीतने की कितनी संभावना है।

कुन्नापिल्ली 2016 और 2021 में एर्नाकुलम जिले के पेरुम्बावूर से विजयी हुए थे। उन पर यौन उत्पीड़न का एक मामला चलने के कारण शुरुआत में उनके नाम पर विचार नहीं किया गया था।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह पार्टी की अंदरूनी राजनीति का शिकार हुए हैं, तो कुन्नापिल्ली ने कहा कि वे इसे इस नज़र से नहीं देखते।

उन्होंने कहा, ‘‘भले ही हम किसी सुरक्षित घर में रह रहे हों, लेकिन कभी भी भूस्खलन हो सकता है, और हम कुछ नहीं कर सकते। मैं उस भूस्खलन को देख नहीं पाया।’’

जब कुन्नापिल्ली से पूछा गया कि इस संकट के पीछे किसका हाथ है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं सुरक्षित हूं। उम्मीदवारों की सूची आने के बाद मैं इस पर अपनी प्रतिक्रिया दूंगा।’’

इस बीच, एक अन्य नेता, दीप्ति मैरी वर्गीस ने कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व उनसे चुनाव लड़ने के लिए कहता है, तो वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं; अन्यथा, वह पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में अपना योगदान देती रहेंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरी उम्मीद है कि जल्द ही इस बारे में कोई घोषणा की जाएगी। फैसला चाहे जो भी हो, कोच्चि के विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस का प्रदर्शन निश्चित रूप से अच्छा रहेगा।’’

स्थानीय निकाय चुनावों में जीत हासिल करने के बाद पहले मैरी के नाम पर कोच्चि के मेयर पद के लिए विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पद के लिए न चुने जाने के बावजूद ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि उन्हें पार्टी में दरकिनार किया गया है।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा