उत्तराखंड के विकास में खंडूरी के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा: नितिन नवीन

उत्तराखंड के विकास में खंडूरी के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा: नितिन नवीन

उत्तराखंड के विकास में खंडूरी के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा: नितिन नवीन
Modified Date: May 19, 2026 / 06:03 pm IST
Published Date: May 19, 2026 6:03 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

खंडूरी (91) का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को देहरादून के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। खंडूरी की बेटी और उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने बताया कि उनके पिता ने पूर्वाह्न करीब 11 बजे अंतिम सांस ली।

नवीन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद खंडूरी के निधन की खबर बेहद दुखद है।’’

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि खंडूरी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा और सुशासन के सर्वोच्च आदर्शों के लिए समर्पित कर दिया।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उत्तराखंड के विकास की यात्रा में उनके योगदान और केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में उनकी भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।’’

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि यह उत्तराखंड और देश के लिए अपूरणीय क्षति है।

बलूनी ने कहा कि खंडूरी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा, सुशासन, ईमानदार राजनीति और उत्तराखंड के विकास के लिए समर्पित कर दिया।

गढ़वाल से सांसद बलूनी ने कहा, ‘‘अपनी सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से उन्होंने सार्वजनिक जीवन में एक आदर्श स्थापित किया। उत्तराखंड राज्य के गठन और विकास में उनका योगदान सदा अविस्मरणीय रहेगा।’’

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मैं भगवान बद्रीविशाल से प्रार्थना करता हूं कि वह उस महान आत्मा को अपने दिव्य चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार और समर्थकों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’’

भाषा आशीष माधव

माधव


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