किउल-झाझा तीसरी रेल लाइन परियोजना से हावड़ा-दिल्ली रेल कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि होगी: वैष्णव
किउल-झाझा तीसरी रेल लाइन परियोजना से हावड़ा-दिल्ली रेल कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि होगी: वैष्णव
नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि किउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजना से हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर पर क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और रेल सेवाओं की समय पाबंदी और परिचालन में सुधार करने में मदद मिलेगी।
वैष्णव ने कहा कि अतिरिक्त लाइन से यात्री और मालगाड़ियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित होगी और साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक विकास और व्यापारिक संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।
रेल मंत्रालय के एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘वर्तमान में, किउल और झाझा के बीच मौजूदा दोहरी लाइन का खंड अपनी इष्टतम क्षमता से अधिक उपयोग में है, जबकि आने वाले वर्षों में कॉरिडोर पर यातायात की मांग और बढ़ने की उम्मीद है। इसके लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचे के विस्तार की आवश्यकता होगी।’
मंत्रालय ने 962 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की समीक्षा के बाद तीसरी लाइन के निर्माण की अनुमति दे दी है।
दिसंबर 2025 में, पूर्व मध्य रेलवे जोन ने कहा कि किउल-झाझा तीसरी लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया कई अन्य परियोजनाओं के साथ शुरू हो चुकी है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘प्रस्तावित 54 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन परियोजना से लाइन की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा, रेल यातायात का दबाव कम होगा और यात्री एवं मालगाड़ियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी। यह परियोजना पटना और कोलकाता के बीच संपर्क को मजबूत करेगी, साथ ही उत्तरी और पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक केंद्रों से जुड़े माल परिवहन को भी सुगम बनाएगी।’’
अधिकारियों ने बताया कि यह मार्ग कोलकाता/हल्दिया बंदरगाहों और रक्सौल/नेपाल के बीच महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करता है और प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों से जुड़े भारी माल यातायात को संभालता है।
परियोजना के निर्माण और संचालन के लिए कोई विशिष्ट समयसीमा नहीं बताई गई है। अधिकारियों ने कहा, ‘यह कई कारकों पर निर्भर करता है; जिनमें से प्रमुख भूमि अधिग्रहण है।’
भाषा अमित माधव
माधव

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