कोलकाता: कर्मियों की कमी के चलते पुलिस ने प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्मचारियों की वापसी की मांग की

कोलकाता: कर्मियों की कमी के चलते पुलिस ने प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्मचारियों की वापसी की मांग की

कोलकाता: कर्मियों की कमी के चलते पुलिस ने प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्मचारियों की वापसी की मांग की
Modified Date: May 24, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: May 24, 2026 7:46 pm IST

कोलकाता, 24 मई (भाषा) कोलकाता पुलिस ने प्रदेश के गृह विभाग से विभिन्न जिला इकाइयों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात अपने कर्मियों को वापस बुलाने का प्रस्ताव रखा है ताकि बल में कर्मियों की भारी कमी को दूर किया जा सके। यह जानकारी रविवार को एक अधिकारी ने दी।

प्रस्ताव के अनुसार, कोलकाता पुलिस में उपनिरीक्षक, कांस्टेबल और चालक के पदों पर बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं, जिससे बल, विशेष रूप से उसके गुप्तचर विभाग पर, शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने का अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “चूंकि पुलिसकर्मियों की नई भर्ती समय लेने वाली प्रक्रिया है, इसलिए प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्मियों को वापस बुलाने का प्रस्ताव भेजा गया है ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से जारी रहे।”

उन्होंने बताया कि भांगर विधानसभा क्षेत्र को कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में लाए जाने के बाद इस कदम की आवश्यकता और बढ़ गई है।

पिछले पंचायत चुनावों के दौरान इस क्षेत्र में हिंसा की कई घटनाएं हुई थीं और कई जगहों पर कानून-व्यवस्था कथित तौर पर नियंत्रण से बाहर हो गई थी।

उन्होंने बताया कि भांगर को कोलकाता पुलिस के अधीन लाए जाने के बाद पुलिस बल ने क्षेत्र में थानों की संख्या तीन से बढ़ाकर नौ करने का प्रस्ताव रखा है, जिसके लिए अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती आवश्यक हो जाएगी।

कोलकाता पुलिस द्वारा भेजे गए पत्र में कर्मचारियों की कमी का उल्लेख किया गया है और इसमें जिला तैनाती से वापस बुलाए जाने वाले 22 पुलिस अधिकारियों की सूची भी शामिल है।

इस संबंध में एक अन्य सूत्र ने बताया कि 2016 में चुनाव के दौरान ‘‘जिम्मेदार तरीके से’’ चुनावी कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले कई पुलिस अधिकारियों को ‘‘अस्पष्ट परिस्थितियों’’ में जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया था।

उन्होंने कहा, “उनमें से कई को वर्षों तक अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण पदों पर सेवा करने के लिए मजबूर किया गया।”

मौजूदा नियमों के अनुसार, विशेष रूप से कोलकाता पुलिस के लिए भर्ती किए गए पुलिसकर्मियों को आमतौर पर जिला पुलिस इकाइयों में स्थानांतरित नहीं किया जाता।

अधिकारी ने बताया कि हालांकि, तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान कई सहायक आयुक्तों, निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों और कांस्टेबलों को परंपरा के विपरीत जिलों में तैनात किया गया।

उन्होंने कहा कि उनमें से कई अधिकारी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं जबकि कई अन्य अब भी सेवा में हैं।

अधिकारी ने बताया कि राज्य में सरकार बदलने के साथ ही कोलकाता पुलिस ने लगभग एक दशक बाद उन कर्मियों की वापसी की मांग की है।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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