नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने मंगलवार को कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को मांसपेशियों की क्षति हुई है और वह ‘बहुत दर्द’ में हैं लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल तब तक समाप्त करने से इनकार किया है जब तक सरकार बातचीत की पहल नहीं करती।
संगठन के प्रदर्शन को 25 दिन हो गए हैं वहीं वांगचुक का अनशन 17वें दिन में प्रवेश कर गया है
कॉजपा की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, अनशन शुरू करने के बाद से वांगचुक का वजन 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) 109/70 मिमी एचजी दर्ज किया गया।
कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक की मांसपेशियां लगातार कमजोर हो रही हैं और वह ‘अत्यधिक पीड़ा’ में हैं।
दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ उनकी मांसपेशियां तेजी से कमजोर हो रही हैं और वह बेहद दर्द में हैं। मैंने भी अन्य लोगों की तरह उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने शांत भाव से कहा-‘मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए, सरकार से पूछिए कि वह बातचीत क्यों नहीं करना चाहती’।’’
दीपके ने बताया कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने उन्हें फोन कर वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनकी स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, ‘ऐसे समय में संवाद और लोकतंत्र के पक्ष में उठने वाली हर आवाज़ महत्वपूर्ण है। कॉजपा के आंदोलन और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को समर्थन देने के लिए मैं अरविंद सर का हृदय से आभारी हूं।’
एक अन्य पोस्ट में दीपके ने बताया कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी उनसे बात की और वांगचुक के तेजी से बिगड़ते स्वास्थ्य पर चिंता जताई।
दीपके के अनुसार, ठाकरे ने वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनका स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को भी अपना समर्थन दिया।
इस बीच, अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) के सदस्य दीपक, जिन्हें अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर सोमवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उन्हें मंगलवार सुबह अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आइसा के अनुसार, निगरानी के दौरान दीपक की हृदयगति में उतार-चढ़ाव देखा गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने विभिन्न चिकित्सीय जांच कीं। उनकी ईसीजी रिपोर्ट सामान्य आई और नाड़ी की गति भी सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
संगठन ने बताया कि उसके अन्य कार्यकर्ता नेहा, मनीष और आमीन प्रदर्शन स्थल पर अलग मंच से अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं।
कॉजपा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। साथ ही संगठन का कहना है कि कथित परीक्षा अनियमितताओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
संगठन ने 20 जुलाई, यानी संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च की तैयारियां भी तेज कर दी हैं और समर्थकों से ‘मिस्ड कॉल’ अभियान के माध्यम से इसमें शामिल होने के लिए पंजीकरण कराने की अपील की है।
कॉजपा का आंदोलन 20 जून से जारी है। सोनम वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन से जुड़े थे और तभी से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
भाषा शोभना नरेश
नरेश