नगालैंड में आईईडी विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान तेज किया

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नगालैंड में आईईडी विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान तेज किया

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 03:59 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 03:59 PM IST

कोहिमा/इंफाल, 14 जुलाई (भाषा) नगालैंड में एक वाहन को निशाना बनाकर किए गए आईईडी विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों ने मंगलवार को चुमौकेदिमा जिले में तलाशी अभियान तेज कर दिया। इस हमले में एक जवान की मौत हो गई, जबकि चार अन्य जवान और एक आम नागरिक घायल हो गए। एक रक्षा अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी के अनुसार, यह आईईडी विस्फोट सोमवार दोपहर सुखोवी के पास असम राइफल्स के एक वाहन के निकट हुआ। इस विस्फोट में जम्मू कश्मीर के रहने वाले हवलदार मोहम्मद इकबाल की मौत हो गई और असम राइफल्स के चार अन्य जवान घायल हो गए।

रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को असम राइफल्स और नगालैंड पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को इलाके में तैनात करने के साथ ही अभियान तेज कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि विस्फोट में घायल हुए सभी चार जवानों की हालत स्थिर है और हमले के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए अभियान जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि 28 असम राइफल्स के हवलदार मोहम्मद इकबाल सुखोवी स्थित ‘असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर एंड स्कूल’ में तैनात थे।

अधिकारियों के अनुसार, इकबाल पुंछ जिले के कल्लार मोहड़ा गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी नसीम अख्तर हैं।

उन्होंने बताया कि शहीद जवान के सम्मान में मंगलवार दोपहर को सुखोवी स्थित असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर एंड स्कूल में पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के समय असम राइफल्स के जवान एक मिनी ट्रक में सवार थे। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में उड़कर आई किसी चीज़ की चपेट में आने से पास मौजूद एक नागरिक के पैर में चोट लग गई। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, एक ऑटो-रिक्शा भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

इस बीच, एनएससीएन/जीपीआरएन (एनएससीएन-आईएम) ने मंगलवार को सुखोवी में खोपनाला के पास हुए विस्फोट की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘‘कायरतापूर्ण आतंकवादी कृत्य’’ बताया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति भंग करना था।

एक बयान में, संगठन ने आईईडी और जवानों को निशाना बनाने वाली बारूदी सुरंगों के इस्तेमाल को अनुचित ठहराया। उसने चेतावनी दी कि ऐसे हमले आम नागरिकों की जान जोखिम में डालते हैं, जनता के बीच डर फैलाते हैं और उस शांति को नुकसान पहुंचाते हैं, जिसे क्षेत्र के लोगों ने सहेजने के लिए कड़ी मेहनत की है।

संगठन ने इस हमले से खुद को अलग करते हुए कहा कि वह विस्फोट के पीछे की सच्चाई का पता लगाएगा और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगा। उसने लोगों से घटना को लेकर अटकलें नहीं लगाने और सहयोग करने की अपील की, ताकि हमले के लिये जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।

अब तक किसी भी उग्रवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

भाषा प्रचेता दिलीप

दिलीप