Reported By: Vijendra Pandey
,जबलपुर। MP Reservation in Promotion मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े मामले में मंगलवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की विशेष पीठ (स्पेशल बेंच) में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपना जवाब पेश करते हुए कहा कि प्रमोशन में आरक्षण पिछड़ेपन और पर्याप्त प्रतिनिधित्व से संबंधित उपलब्ध आंकड़ों (क्वांटिफायबल डेटा) के आधार पर दिया जा रहा है।
MP Reservation in Promotion सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि जिन आंकड़ों और अध्ययन (सर्वे) के आधार पर प्रमोशन में आरक्षण दिया जा रहा है, उन्हें याचिकाकर्ताओं के साथ साझा किया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कोई सरकारी गोपनीय (सीक्रेट) दस्तावेज नहीं, बल्कि क्वांटिफायबल डेटा है, जिसे याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने कर्मचारियों से संबंधित डेटा समय पर साझा नहीं किए जाने पर राज्य सरकार के प्रति नाराजगी भी जताई। अदालत ने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित सर्वे और अध्ययन के आंकड़े याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराना आवश्यक है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को निर्देश दिए कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले आंकड़ों पर यदि कोई आपत्ति हो तो उसे तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करें। इसके साथ ही अदालत ने मामले में विस्तृत बहस के लिए याचिकाकर्ताओं को समय दिया। मामले की अगली सुनवाई अब 21 जुलाई को होगी, जब हाईकोर्ट की विशेष पीठ इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी।
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