तिरुवनंतपुरम, आठ जून (भाषा) केरल के परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन ने सोमवार को कहा कि केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना पर सालाना 712 करोड़ रुपये से 1,300 करोड़ रुपये तक का खर्च आएगा, जो इसकी गुंजाइश पर निर्भर करेगा।
उन्होंने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस योजना का विस्तृत विवरण 10 जून को कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन देंगे।
उन्होंने बताया कि केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा, कांग्रेस-नीत यूडीएफ की विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान दी गयी पांच गारंटियों में से एक थी।
मंत्री ने कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री की बैठक में शामिल हुए थे, जिसमें कुछ निर्णय लिए गए हैं। विस्तृत जानकारी कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री देंगे। यह सुविधा सभी महिलाओं को बिना किसी वर्गीकरण के दी जाएगी। ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।’’
केएसआरटीसी पर वित्तीय बोझ को लेकर उठी चिंताओं पर जॉन ने कहा कि यदि मुफ्त यात्रा केवल सामान्य श्रेणी की बसों तक सीमित रहती है तो लगभग 712 करोड़ रुपये वार्षिक खर्च होगा, जबकि सभी श्रेणी की बसों में लागू करने पर यह खर्च करीब 1,300 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘जो भी निर्णय लिया जाएगा, सरकार सब्सिडी देगी। यह खर्च केएसआरटीसी के राजस्व से पूरा नहीं किया जा सकता। सरकार पहले से ही वेतन और पेंशन के लिए हर महीने लगभग 125 करोड़ रुपये दे रही है। यह उससे अतिरिक्त सहायता होगी।’’
मंत्री ने कहा कि योजना सरकार के सहयोग से लागू की जाएगी और इसके प्रभाव का कुछ समय तक आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना 15 जून से लागू कर दी जाएगी।
वाहन संशोधन नियमों में ढील को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि इस पर अभी कोई बैठक नहीं हुई है और निर्णय चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
भाषा
मनीषा
मनीषा