Kurnool HIV Injection Case: एक्स बॉयफ्रेंड ने पूरी नहीं की ख्वाहिश, बदला लेने नर्स ने रची खतरनाक साजिश, प्रेमी की पत्नी को लगा दिया HIV वाला इंजेक्शन

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एक्स बॉयफ्रेंड ने पूरी नहीं की ख्वाहिश, बदला लेने नर्स ने रची खतरनाक साजिश, Kurnool HIV Injection Case Latest News

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 09:45 PM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 09:46 PM IST

कुरनूल: Kurnool HIV Injection Case आंध्र प्रदेश की कुरनूल पुलिस ने महिला चिकित्सक को एचआईवी का इंजेक्शन लगाने के आरोप में एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित चिकित्सक आरोपी महिला के पूर्व प्रेमी की पत्नी है। उसने बताया कि आरोपियों की पहचान कुरनूल निवासी बी. बोया वसुंधरा (34), अडोनी के एक निजी अस्पताल में नर्स पद पर कार्यरत कोंग ज्योति (40) और उनके दो बच्चों के रूप में हुई है। आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया।

एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रचने और एक सड़क दुर्घटना का नाटक करने के बाद, वसुंधरा ने कथित तौर पर अपने पूर्व प्रेमी की पत्नी और एक डॉक्टर को एचआईवी वायरस का इंजेक्शन लगाया। आरोपियों ने सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों से एचआईवी संक्रमित रक्त के नमूने यह कहकर प्राप्त किए कि ये नमूने जांच के लिए आवश्यक हैं। आरोपी का दावा है कि उसने संक्रमित रक्त को एक रेफ्रिजरेटर में रखा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पा रही थी कि उसके पूर्व प्रेमी ने दूसरी महिला से शादी कर ली है, इसलिए उसने दंपति को अलग करने की साजिश रची।

जानबूझकर स्कूटी को मारी टक्कर

Kurnool HIV Injection Case उसने बताया कि पीड़िता कुरनूल के एक निजी चिकित्सा विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर है और नौ जनवरी को अपराह्न करीब 2.30 बजे स्कूटर से ड्यूटी कर घर लौट रही थी। पुलिस ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने विनायक घाट पर केसी नहर के पास जानबूझकर उसकी स्कूटर को टक्कर मारी, जिससे वह गिर गई और उसे चोटें आईं। उसने बताया कि इसके बाद आरोपी मदद की पेशकश के बहाने उसके पास पहुंचे। पुलिस ने बताया कि वसुंधरा ने पीड़िता को ऑटो रिक्शा में ले जाने की कोशिश करते समय कथित तौर पर एचआईवी का इंजेक्शन लगाया और पीड़िता के शोर मचाने पर वह मौके से फरार हो गई।

 FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

एक अधिकारी ने बताया कि पीड़िता का तत्काल उपचार किया गया और अब वह ठीक है एवं चिकित्सकों ने पुष्टि की है कि उसकी हालत स्थिर है। पुलिस ने कहा कि वायरस रेफ्रिजरेटर में रखे जाने पर भी कई दिनों तक जीवित नहीं रह सकता है और चिंता बस इस बात को लेकर है कि शरीर में किसी बाहरी कण का प्रवेश न हुआ हो। अधिकारी ने कहा, ‘‘चूंकि पीड़िता खुद एक डॉक्टर है, इसलिए उसे जांच और दवाइयों की जानकारी थी। अन्य चिकित्सकों ने उसे तीन सप्ताह बाद वापस आने की सलाह दी है।’’ पीड़िता का पति भी चिकित्सक है और उसने 10 जनवरी को कुरनूल तृतीय टाउन पुलिस थाने में मामले की शिकायत की, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-तीन(पांच) के साथ पठित धारा 126(2), 118(1), 272 के तहत मामला दर्ज किया गया।

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