जयपुर, 18 अगस्त (भाषा) राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक तारकेश्वर महादेव मंदिर से मंगलवार सुबह वार्षिक डिग्गी कल्याणजी लक्खी पदयात्रा शुरू हुई। चौड़ा रास्ता स्थित मंदिर में साधु-संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मुख्य भगवा ध्वज की पूजा-अर्चना के बाद सुबह करीब नौ बजे यात्रा को रवाना किया गया।
यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी रही। भक्ति गीतों और हिंदू देवी-देवताओं की झांकियों के बीच श्रद्धालु डिग्गी की ओर रवाना हुए। अधिकांश श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु मार्ग में दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
टोंक जिले के डिग्गी तक करीब 75 किलोमीटर की यह पदयात्रा पांच दिन में पूरी होगी। चौड़ा रास्ता से टोंक रोड और सांगानेर तक कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे और स्वागत शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में भोजन, पेयजल और विश्राम की व्यवस्था की गई है।
आयोजकों के अनुसार, यात्रा के दौरान श्रद्धालु विभिन्न स्थानों पर पड़ाव डालेंगे और 22 अगस्त को डिग्गी कल्याण मंदिर पहुंचेंगे। उसी दिन शाम पांच बजे मंदिर में शोभायात्रा निकाली जाएगी।
इसके बाद मंदिर में भगवान कल्याणजी का गंगोत्री से लाए गए गंगाजल से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रातभर भक्ति कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए जयपुर यातायात पुलिस ने टोंक रोड और जेएलएन मार्ग सहित कई स्थानों पर यातायात में बदलाव और मार्ग परिवर्तन किए हैं।
पदयात्रा न्यू गेट, रामनिवास गार्डन, मोती डूंगरी गणेश मंदिर, रामबाग सर्किल, लक्ष्मी मंदिर तिराहा, टोंक फाटक, दुर्गापुरा और सांगानेर से होकर डिग्गी की ओर रवाना हुई।
भाषा बाकोलिया सुरेश
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