लक्षद्वीप के विद्यार्थी अपने पहले विज्ञान अध्ययन भ्रमण के तहत श्रीहरिकोटा पहुंचे

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लक्षद्वीप के विद्यार्थी अपने पहले विज्ञान अध्ययन भ्रमण के तहत श्रीहरिकोटा पहुंचे

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 12:35 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 12:35 PM IST

कोच्चि, 10 मई (भाषा) लक्षद्वीप प्रशासन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने द्वीपों के विभिन्न स्कूलों से चुने गये विद्यार्थियों के लिए पहले ‘श्रीहरिकोटा वैज्ञानिक शैक्षिक अध्ययन भ्रमण’ का आयोजन किया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

शैक्षिक अध्ययन भ्रमण का आयोजन लक्षद्वीप खगोल विज्ञान क्लब के सहयोग से किया गया।

इस क्लब ने पूरे लक्षद्वीप के स्कूलों के छात्र-छात्राओं के बीच आयोजित खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, वैज्ञानिक तर्क, विश्लेषणात्मक क्षमता और तकनीकी जागरूकता पर आधारित एक ऑनलाइन योग्यता परीक्षा के माध्यम से इन 21 विद्यार्थियों का चयन किया था।

लक्षद्वीप प्रशासन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इस परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, तकनीकी जागरूकता और अनुसंधान-उन्मुख शिक्षण दृष्टिकोण को बढ़ावा देना तथा उन्हें आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की गतिविधियों से अवगत कराना है।

यह पहल एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रशासन की शैक्षिक गतिविधियों के हिस्से के रूप में की गई।

अधिकारियों के अनुसार, अध्ययन भ्रमण दो मई को लक्षद्वीप से शुरू हुआ।

बयान में कहा गया, ‘‘अध्ययन भ्रमण के तहत विद्यार्थियों ने भारत के मुख्य अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र – सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी-एसएचएआर) का भ्रमण किया और वहां के ‘लॉन्च पैड’, ‘व्हीकल असेंबली कॉम्प्लेक्स’, प्रणोदन प्रणाली एवं उपग्रह से संबंधित प्रौद्योगिकियों आदि के बारे में प्रत्यक्ष रूप से जानकारी प्राप्त की।’’

बयान में कहा गया है कि एसडीएससी-एसएचएआर के भ्रमण के दौरान ‘मिशन कंट्रोल सेंटर’ (एमसीसी) के प्रबंधक राघव कुमार एम. वी. और एसडीएससी-एसएचएआर के पुस्तकालय अध्यक्ष कुमार एन. ने विद्यार्थियों के साथ बातचीत की तथा श्रीहरिकोटा के परिचालन महत्व, प्रक्षेपण यानों, इसरो के पिछले सफल एवं भावी मिशन एवं मिशन नियंत्रण संचालन के बारे में बताया।

भाषा यासिर राजकुमार

राजकुमार