कोलकाता, 22 जनवरी (भाषा) कोलकाता में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी संगठन के लिए पश्चिम बंगाल में मुस्लिम युवाओं की भर्ती करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की पाकिस्तान प्रायोजित साजिश से जुड़े एक मामले के दोषी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता स्थित विशेष एनआईए अदालत ने कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के सैयद एम. इदरीस को बुधवार को यह सजा सुनाई। उसे भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत लश्कर-ए-तैयबा भर्ती मॉड्यूल मामले में दोषी ठहराया गया था।
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि अदालत ने आरोपी पर 70,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जांच एजेंसी ने अप्रैल 2020 में यह मामला पश्चिम बंगाल पुलिस से अपने हाथ में लिया था और इदरीस को एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार किया था।
अधिकारियों ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा की एक अन्य सदस्य तानिया परवीन को पश्चिम बंगाल पुलिस ने मार्च 2020 में उत्तर 24 परगना जिले के बड़ूरिया से गिरफ्तार किया था और उसके पास से चरमपंथ को बढ़ावा देने वाली ऐसी प्रचार सामग्री बरामद की गई थी जिनमें मुस्लिम युवाओं को भारत के खिलाफ ‘‘जिहाद’’ में शामिल होने के लिए उकसाया गया था।
एनआईए अधिकारियों ने कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई अभी जारी है।
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सिम्मी वैभव
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