जम्मू, 16 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन की समीक्षा की गई और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
यह समीक्षा बैठक जम्मू की एक अदालत के उस निर्देश के बाद आयोजित की गई, जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा को वैष्णो देवी मंदिर में चांदी के चढ़ावे के प्रबंधन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाने वाली शिकायत से जुड़े सभी रिकॉर्ड पेश करने को कहा गया था।
बैठक में श्राइन बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे के संग्रह, गिनती, लेखांकन, सुरक्षा और उपयोग की प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा की गई।
अधिकारियों के अनुसार बोर्ड को दान पेटियों, काउंटर, ऑनलाइन माध्यमों और सोना-चांदी के रूप में प्राप्त होने वाले चढ़ावे के सुरक्षित और पारदर्शी प्रबंधन के लिए लागू संस्थागत व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी गई।
एक प्रस्तुति में चढ़ावे के प्रबंधन की हर चरण की निगरानी के लिए अपनाई जाने वाली सत्यापन प्रक्रियाओं, निगरानी प्रणालियों, बैंकिंग सुरक्षा उपायों और समय-समय पर होने वाले ऑडिट की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बोर्ड को बताया कि दान से संबंधित सभी वित्तीय लेन-देन निर्धारित बैंकिंग मानदंडों, वैधानिक प्रावधानों और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि बोर्ड ने सोना-चांदी के चढ़ावे के प्रबंधन, भंडारण और परिवहन से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की। इसमें इन धातुओं के प्रसंस्करण और शोधन की प्रक्रिया भी शामिल है, जो भारतीय रिजर्व बैंक और भारत सरकार टकसाल, हैदराबाद जैसे सरकार द्वारा अनुमोदित संस्थानों के माध्यम से की जाती है।
समीक्षा के बाद बोर्ड ने मौजूदा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ये तंत्र श्रद्धालुओं के चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित करते हैं।
जम्मू की एक अदालत ने हाल में अपराध शाखा को वैष्णो देवी मंदिर में चांदी के चढ़ावे के प्रबंधन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाने वाली शिकायत से जुड़े सभी रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया। यह निर्देश उस समय दिया गया, जब एक याचिकाकर्ता ने पुलिस की कार्रवाई रिपोर्ट को चुनौती देते हुए मामले की गहन जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया।
जम्मू के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी को 29 जुलाई को पूरे रिकॉर्ड के साथ अदालत में पेश होने और शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया है। शिकायत में 500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के चांदी के चढ़ावे में कथित गबन और मिलावट का आरोप लगाया गया है।
भाषा आशीष अविनाश
अविनाश