मुंबई, 16 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मांगों का समर्थन करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार ने देश में विरोध प्रदर्शन के अधिकार को ही समाप्त करने का फैसला कर लिया है।
ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि पारदर्शिता केवल नीट परीक्षा में ही नहीं, बल्कि सभी परीक्षाओं में आवश्यक है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की।
ठाकरे ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से जुड़ा विवाद कोई मामूली मामला नहीं था और अनियमितताओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया।
वांगचुक 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल हुए थे और तब से वह परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं।
राज ठाकरे ने कहा कि यदि यह सरकार अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के दौरान मूक दर्शक बनी रह सकती है, तो नागरिकों के विरोध प्रदर्शन का उस पर आखिर क्या असर हो सकता है।
मनसे प्रमुख ने आरोप लगाया कि जिन संस्थाओं को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए, उन्हें अपने प्रभाव में ले लिया गया है और चुनावों को खास एजेंडों के अनुसार प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पर बड़े पैमाने पर धन खर्च किया जा रहा है, फिर भी मुख्यधारा की मीडिया इस बात पर सवाल उठाने में विफल रही है कि ये धन कहां से आ रहा है।
ठाकरे ने कहा, ‘‘उनके (वांगचुक) स्वास्थ्य से संबंधित रिपोर्ट और टेलीविजन पर दिखाई जा रही तस्वीरें निश्चित रूप से चिंताजनक हैं। यह कहना बेहद पीड़ादायक है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने सोनम वांगचुक से छुटकारा पाने का फैसला कर लिया है और इसके साथ ही शायद देश में विरोध प्रदर्शन के लिए मौजूद लोकतांत्रिक अधिकार को भी समाप्त करने का निर्णय ले लिया है।’’
उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सोनम वांगचुक को बहुत सम्मान देती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी व्यक्ति को तब तक ही महत्व देती है, जब तक वह उसकी सुविधा और हित के अनुकूल होता है।
ठाकरे ने कहा कि भाजपा के कार्यकाल के दौरान परीक्षाओं में अनियमितताएं बड़े पैमाने पर रही हैं, जिनमें मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला, नीट के प्रश्नपत्र लीक होना और हाल में शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्रों का लीक होना शामिल है।
भाषा
देवेंद्र माधव
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