नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के चार मिनट के भीतर ही अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
मानसून सत्र के चौथे सप्ताह के तीसरे दिन की कार्यवाही भी पिछले तीन सप्ताह की तरह हंगामे के साथ शुरू हुई और आज लगातार 18वें कार्यदिवस पर भी सदन में प्रश्नकाल तथा शून्यकाल नहीं चल सके।
कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्य अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के विरोध में और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए हंगामा करने लगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही और प्रश्नकाल चलाने में सहयोग का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘नीतियों और विचारों में मतभेद हो सकते हैं। लेकिन देश सदन चलते हुए देखना चाहता है। देश के लोगों का मत है कि नीतियों, विचारों में मतभेद हों, गंभीर मतभेद भी हो सकते हैं लेकिन वह विचारों में अभिव्यक्त होने चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए समय-समय पर मैंने सभी दलों के नेताओं से व्यक्तिगत और सामूहिक चर्चा की है।’’
बिरला ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस होने का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का युवा भी चाहता है उनके विषयों पर चर्चा हो, छात्रों के मुद्दों पर चर्चा हो। अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमति दे दी है, गृह मंत्री भी अपना वक्तव्य देने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी और इसके लिए सत्तापक्ष तथा विपक्ष दोनों सहमति बनाएं।
बिरला ने आसन के समीप शोर-शराबा कर रहे सदस्यों से कहा, ‘‘देश की भावनाओं को समझना चाहिए, देश चाहता है संसद चले। इस तरह तख्तियां दिखाकर और नारेबाजी से संसद की प्रतिष्ठा गिराना उचित नहीं है।’’
उन्होंने विपक्ष के सांसदों से अपील की कि प्रश्नकाल चलने दें जिसके बाद सभी को उनकी बात रखने का अवसर दिया जाएगा।
बिरला ने कहा, ‘‘मेरे बार-बार आग्रह के बाद भी आप सदन में गतिरोध बरकरार रख रहे हैं, यह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।’’
हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने 11 बजकर चार मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
भाषा वैभव मनीषा
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