लोकसभा में नहीं चल सके प्रश्नकाल और शून्यकाल, हंगामे के बीच चार विधेयक पेश

लोकसभा में नहीं चल सके प्रश्नकाल और शून्यकाल, हंगामे के बीच चार विधेयक पेश

लोकसभा में नहीं चल सके प्रश्नकाल और शून्यकाल, हंगामे के बीच चार विधेयक पेश
Modified Date: August 10, 2026 / 12:38 pm IST
Published Date: August 10, 2026 12:38 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही बाधित हुई और प्रश्नकाल तथा शून्यकाल नहीं चल सके।

सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

विपक्ष के हंगामे के बीच ही सरकार ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026, और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए।

संसद के मानसून सत्र के चौथे सप्ताह की शुरुआत भी पिछले तीन सप्ताह की तरह ही हंगामेदार रही।

कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्य अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के विरोध में और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर शोर-शराबा करने लगे।

आसन पर आज आरएसपी नेता एन के प्रेमचंद्रन थे जिन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया।

सामान्य तौर पर लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही के समय आसन पर अध्यक्ष ओम बिरला होते हैं।

हंगामा जारी रहने पर प्रेमचंद्रन ने बैठक शुरू होने के एक मिनट के अंदर दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही फिर से आरंभ होने पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे।

हंगामे के बीच ही पीठासीन सभापति संध्या राय ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए।

विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 और कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 हंगामे के बीच ही पेश किए।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए।

हालांकि, उक्त दोनों विधेयक केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नाम से सूचीबद्ध थे।

इस दौरान विपक्ष के सदस्य ‘गृह मंत्री कहां हैं’ कहते सुने गए।

पीठासीन सभापति संध्या राय ने विधेयकों को पेश किए जाने का विरोध करने के लिए कुछ विपक्षी सदस्यों के नाम पुकारे, लेकिन विपक्ष की तरफ नारेबाजी जारी रही।

हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

भाषा हक हक वैभव

वैभव


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