आडवाणी के बाद जोशी का भी टिकट कटा? देखिए जोशी ने मतदाताओं को पत्र लिखकर क्या कहा

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आडवाणी के बाद जोशी का भी टिकट कटा? देखिए जोशी ने मतदाताओं को पत्र लिखकर क्या कहा

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  • Publish Date - March 26, 2019 / 07:55 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:01 PM IST

नई दिल्ली। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 75 साल की उम्र पार कर गए सांसदों को मंत्री पद नहीं देने का फैसला किया था और इसबार भाजपा ने 75 साल की उम्र वाले उम्मीदवारों को टिकट ही नहीं दिया है। इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम है, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का। आडवाणी गुजरात की गांधीनगर सीट से लोकसभा से सांसद हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सीट का ऐलान हो गया है और अब इस सीट से भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चुनाव लड़ेगे।

लेकिन लालकृष्ण आडवाणी के बाद अब कानपुर से भाजपा सांसद रहे डा. मुरली मनोहर जोशी का टिकट भी काटने की खबरें सोशल मीडिया पर चल रही हैं। दरसअल, सोशल मीडिया पर मुरली मनोहर जोशी द्वारा कानपुर के मतदाताओं के नाम पत्र जारी एक पत्र में लिखा गया है कि भाजपा के संगठन महामंत्री ने जोशी से कहा है कि उन्हें कानपुर ही नहीं कहीं से भी चुनाव नहीं लड़ना चाहिए।

भाजपा की स्टार प्रचारकों की सूची में भी आडवाणी-जोशी को जगह नहीं

बता दें कि इससे पहले भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, इस सूची से भी भाजपा के इन दो वरिष्ठ नेताओं के नाम नदारत हैं। भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में जिन बीजेपी नेताओं के नाम शामिल किए गए हैं, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल, थावरचंद गहलोत, जगत प्रकाश नड्डा प्रमुखता से हैं।

इसके साथ ही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, उमा भारती, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, मुख्तार अब्बास नकवी, अभिनेत्री हेमा मालिनी, सतपाल महाराज, शिव प्रकाश, त्रिवेंद्र सिंह रावत, कलराज मिश्र, महेंद्र नाथ पांडे, केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा, सुनील बंसल, दुष्यंत गौतम, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी को भी चुनाव प्रचार की कमान सौंपी गई है।

विपक्ष ने निशाना साधा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी ने जिस तरह अपने बुज़ुर्गों – आडवाणी जी और मुरली मनोहर जी- का अपमान किया है, ये हिंदू संस्कृति के बिलकुल ख़िलाफ़ है। हिंदू धर्म में हमें अपने बुज़ुर्गों का सम्मान करना सिखाया गया है। केजरीवाल ने आगे कहा कि जिन्होंने घर बनाया उन्ही बुजर्गों को घर से निकाल दिया? जो अपने बुजर्गो का नही हो सकता वो किसका होगा? क्या यही भारतीय सभ्यता है? हिन्दू संस्क्रति तो ये नही कहती कि बुजर्गों को बेज्जत करो देश के लोगो मे चर्चा है कि मोदी जी आडवाणी जोशी और सुषमा की बेज्जती क्यो कर रहे है?