असम में रसोई गैस और ईंधन की स्थिति सामान्य, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई: अधिकारी

Ads

असम में रसोई गैस और ईंधन की स्थिति सामान्य, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई: अधिकारी

  •  
  • Publish Date - April 17, 2026 / 04:30 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 04:30 PM IST

गुवाहाटी, 17 अप्रैल (भाषा) असम में तेल-गैस की जमाखोरी एवं कालाबाजारी रोकने और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के उल्लंघन पर लगाम लगाने के लिए मार्च से अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और छह एलपीजी वितरकों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

हालांकि, अधिकारी ने कहा कि राज्य में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति ‘‘पूरी तरह से सामान्य’’ है।

‘इंडियन ऑयल’ के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख नितिन भटनागर ने गुवाहाटी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘असम में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों और पेट्रोलियम उत्पादों, जिनमें पेट्रोल और डीजल शामिल हैं, की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है।’’

वर्तमान में असम में 1,737 पेट्रोलियम खुदरा बिक्री केंद्र हैं, जिनमें तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के 1,461 और निजी क्षेत्र के 276 केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा नौ आपूर्ति केंद्र/डिपो संचालित हो रहे हैं।

भटनागर ने कहा कि इन खुदरा केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 2,935 किलोलीटर (केएल) पेट्रोल (एमएस) और 3,670 किलोलीटर डीजल (एचएसडी) उपलब्ध कराया जा रहा है। फिलहाल 21 दिनों के पेट्रोल और 46 दिनों के डीजल के बराबर पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

एलपीजी आपूर्ति के संबंध में भटनागर ने कहा कि राज्य में 604 वितरकों और सात बॉटलिंग संयंत्रों (छह सरकारी और एक निजी) के माध्यम से करीब 93 लाख उपभोक्ताओं को सेवाएं दी जा रही हैं।

अधिकारी ने बताया कि जमाखोरी और ईंधन को अवैध तरीके से वैध उपभोक्ता के बजाय कहीं और पहुंचाने से रोकने के लिए ओएमसी अधिकारियों ने राज्य सरकार के कर्मियों के साथ मिलकर पिछले महीने से 319 निरीक्षण किए हैं।

उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान तीन गिरफ्तारियां हुई हैं, एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और 274 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

एसओपी का पालन नहीं करने वाले ओएमसी एलपीजी वितरकों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गई है। 88 ओएमसी एलपीजी वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और अब तक छह को निलंबित किया जा चुका है।

एलपीजी बुकिंग सेवाओं में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देते हुए अधिकारी ने कहा कि अब 84 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो रही हैं, जबकि दो महीने पहले यह आंकड़ा केवल 49 प्रतिशत था।

भाषा गोला पारुल

पारुल