LPG Cylinder Weight: अब 14.2 की जगह मिलेगा सिर्फ इतने किलो का सिलेंडर! तेल कंपनियां कर रही ये विचार, जानिए क्या होगी इसकी कीमत?

LPG Cylinder Weight: अब 14.2 की जगह मिलेगा सिर्फ इतने किलो का सिलेंडर! तेल कंपनियां कर रही ये विचार, जानिए क्या होगी इसकी कीमत?

LPG Cylinder Weight: अब 14.2 की जगह मिलेगा सिर्फ इतने किलो का सिलेंडर! तेल कंपनियां कर रही ये विचार, जानिए क्या होगी इसकी कीमत?

LPG Cylinder Weight | Photo Credit: IBC24

Modified Date: March 23, 2026 / 02:19 pm IST
Published Date: March 23, 2026 2:18 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कंपनियां 14.2 किलो सिलेंडर में केवल 10 किलो गैस भरने पर विचार कर रही हैं
  • सिलेंडर पर नया स्टिकर लगाया जाएगा ताकि कम गैस की पहचान हो सके
  • भारत में रोजाना 93,500 टन LPG की खपत होती है, जिसमें से 86% घरेलू उपयोग होता है

नई दिल्ली: LPG Cylinder Weight ईरान-इजराइल के बीच जारी भीषण जंग ने जहां पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। इस संघर्ष का असर अब दूसरे इलाकों में भी दिखने लगा है। खासतौर पर संकट LPG (ल‍िक्व‍िड पेट्रोल‍ियम गैस) पर है, जो गहराता जा रहा है। इसी बीच इस संकट से निपटने के लिए अब सरकारी तेल कंपनियां एक मास्टर प्लान पर विचार कर रही है। 14.2 किलो के सिलेंडर में केवल 10 किलो गैस ही दी जा सकती है। इसका मकसद एलपीजी बचाना और ज्यादा से ज्यादा घरों तक सप्लाई सुनिश्चित करना है।

इस प्लान का क्या है मकसद?

LPG Cylinder Latest News रिपोर्ट की मुताबिक इंडस्ट्री के अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया गया है। कंपनियों का अनुमान है कि सीमित सदस्यों वाले परिवार में 14.2 किलो का सिलेंडर करीब 35 से 40 दिनों तक चलता है। ऐसे में अगर सिलेंडर में 10 किलोग्राम गैस भरी जाती है तो आसानी से करीब एक महिने तक चल सकता है। इससे संकट के समय ज्यादा से ज्यादा लोगों तक गैस पहुंचाई जा सकती है।

कितनी होगी कीमत?

अधिकारियों का कहना है कि अगर इस योजना को लागू किया जाता है तो सिलेंडर पर एक नया स्टिकर लगाया जाएगा। इससे पता चलेगा कि सिलेंडर में कम गैस है। गैस की मात्रा के मुताबिक इसकी कीमत भी तय होगी। बॉटलिंग प्लांट को अपने वेइंग सिस्टम्स में बदलाव करना होगा और इसके लिए कुछ रेगुलेटरी अप्रूवल्स की भी जरूरत होगी।

भारत में रोज 93,500 टन खपत

आपको बता दें कि भारत में रोजाना करीब 93,500 टन LPG की खपत होती है। इसमें से 86% यानी करीब 80,400 टन घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल की जाती है। होर्मुज संकट के जारी रहने से आने वाले हफ्तों में सप्लाई की स्थिति और खराब हो सकती है, जिससे गैस सप्लाई को संभालने के लिए और कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।

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