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फगवाड़ा (पंजाब), 28 सितंबर (भाषा) पंजाब में कपूरथला जिले के फगवाड़ा में ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (एलपीयू) में हिंसक विरोध-प्रदर्शन के एक दिन बाद सोमवार को स्थिति शांतिपूर्ण हो गयी।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने तोड़-फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी, जबकि 10 दिनों के लिए कक्षाएं निलंबित होने के बाद कई विद्यार्थी घर लौटने लगे हैं।
पुलिस ने कहा कि ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ के विद्यार्थियों द्वारा 15 घंटे से अधिक समय तक अवरुद्ध किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया है।
जालंधर-फगवाड़ा राजमार्ग पर स्थित इस विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही, जहां विद्यार्थी बैग और सूटकेस लेकर विश्विविद्यालय परिसर से निकलते हुए देखे गए। परेशान माता-पिता भी अपने बच्चों को घर ले जाने के लिए वहां पहुंचे।
विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा के निशान नजर आये। कई जगहों पर संपत्ति को नुकसान पहुंचा, जबकि कई विद्यार्थियों ने तोड़-फोड़ के लिए बाहरी लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया।
एलपीयू के विद्यार्थियों ने रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा से कथित रूप से ‘‘दुष्कर्म किए जाने के’’ दावों पर रविवार को परिसर में कथित रूप से तोड़फोड़ की थी और परिसर के बाहर नयी दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया था।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम को हिंसा का एक और दौर तब शुरू हुआ, जब प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और उनकी गाड़ियों पर हमला किया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
प्रदर्शन के कथित वीडियो में उन्हें कुछ चीज़ों में आग लगाते हुए भी देखा गया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के कहने पर, पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने स्थिति का जायज़ा लेने के लिए एलपीयू का दौरा किया।
इस बीच, राज्य महिला आयोग ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और चितकारा विश्वविद्यालय में विरोध-प्रदर्शन की घटनाओं का स्वत: संज्ञान लेते हुए सोमवार को संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी, जिसमें प्राथमिकी की प्रतियां और दोनों परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा भी शामिल करने का निर्देश दिया गया।
एलपीयू और पटियाला स्थित चितकारा विश्वविद्यालय में विद्यार्थी पिछले दो दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
चितकारा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी इन अपुष्ट खबरों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं कि परिसर में दो छात्राओं ने आत्महत्या कर ली।
भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने एलपीयू प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि 30 सितंबर को जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से पहले राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने वहां उपद्रवियों को भेजा।
रविवार देर रात बिट्टू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि ‘‘अशोक मित्तल के आप छोड़ने के बाद, पार्टी ने कथित तौर पर एलपीयू को बंद करने के लिए मजबूर करने की एक खतरनाक साजिश रची।’’
राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल एलपीयू के संस्थापक चांसलर हैं।
एलपीयू प्रशासन द्वारा सोमवार से 10 दिन के लिए कक्षाएं स्थगित किए जाने के बाद कई विद्यार्थी अपने घर चले गए। मध्यावधि परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं।
पंजाब की एक छात्रा ने बताया कि अभी हालात सामान्य हैं। उसने कहा कि सभी विद्यार्थी घर लौट रहे हैं और पुलिस तैनात कर दी गई है।
उसने हिंसा और तोड़-फोड़ के लिए बाहरी लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया एवं कहा कि कॉलेज के विद्यार्थियों ने कोई तोड़-फोड़ नहीं की।
बिहार के एक छात्र ने बताया कि रविवार को हालात बहुत खराब थे। उसने इसे ‘डरावना’ बताया। उसने कहा कि पुलिस के विश्वविद्यालय परिसर के अंदर आने के बाद ही हालात सामान्य हुए।
उसने भी हिंसा के लिए बाहरी लोगों को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि विद्यार्थी शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे।
एक और छात्रा ने भी यही बात दोहराई कि बाहरी लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
एलपीयू दौरे के दौरान डीजीपी ने कहा कि तोड़-फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
यादव ने पत्रकारों से कहा कि पुलिस ने विद्यार्थियों की उन शिकायतों को सुलझाने की कोशिश की, जो उन्हें निजी विश्वविद्यालय के प्रशासन से थीं; इसके लिए पुलिस ने छात्रों और अधिकारियों के बीच बातचीत करवाई।
रविवार शाम की हिंसा का ज़िक्र करते हुए यादव ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कुछ लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की और पुलिस की गाड़ियों पर पत्थर फेंके।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने बहुत संयम बरता। पुलिस की कोशिश यही थी कि विद्यार्थी हमारे बच्चों की तरह हैं और उनकी शिकायतों का समाधान किया जाए। ज़्यादातर शिकायतें विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़ी थीं। इसके लिए बैठकें भी बुलाई गई थीं।’’
तोड़-फोड़ करने वालों को चेतावनी देते हुए डीजीपी ने कहा कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
विद्यार्थियों के कथित दुष्कर्म की घटना के दावे पर यादव ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और एक एसआईटी बनाई गई है, जो इस मामले की विस्तृत जांच करेगी।
हालांकि, विश्वविद्यालय ने परिसर में अपराध होने के दावों को ‘अफ़वाह’ बताया है।
एलपीयू ने विद्यार्थियों को अनुमति दी है कि कक्षाएं निलंबित रहने के दौरान वे चाहें तो अपने माता-पिता या अभिभावकों से परामर्श के बाद इस अवधि के दौरान घर जा सकते हैं।
विश्वविद्यालय ने कहा कि परिसर में रुकने वाले विद्यार्थियों को उनकी सुरक्षा के मद्देनजर सलाह दी गई है कि वे छात्रावास या अपने निवास स्थान पर ही रहें, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और किसी भी तरह के प्रदर्शन या हंगामे में शामिल न हों।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एम. एफ. फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रविवार देर रात परिसर में दाखिल हुए और वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने फ्लैग मार्च किया।
जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह, जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नवीन सिंगला और कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा भी पुलिस बल के साथ मौजूद थे।
एलपीयू में हिंसा की घटना पटियाला की चितकारा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा पुलिस की गाड़ी में आग लगाने के एक दिन बाद हुई। विद्यार्थियों ने यह कदम कैंपस में दो छात्राओं की आत्महत्या से मौत की अपुष्ट खबरों के बाद उठाया था।
भाषा राजकुमार दिलीप
दिलीप