उपराज्यपाल ने लद्दाख में तहसीलों और राजस्व गांवों के व्यापक पुनर्गठन को मंज़ूरी दी
उपराज्यपाल ने लद्दाख में तहसीलों और राजस्व गांवों के व्यापक पुनर्गठन को मंज़ूरी दी
लेह, 12 जुलाई (भाषा) लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने एक अहम प्रशासनिक सुधार के तहत केंद्र शासित प्रदेश में पांच नए जिले बनने के बाद तहसीलों और राजस्व गांवों के व्यापक पुनर्गठन और युक्तिकरण को मंज़ूरी दे दी है। एक सरकारी प्रवक्ता ने रविवार को यह जानकारी दी।
प्रवक्ता ने बताया कि इस पुनर्गठन के तहत लद्दाख में 17 नई तहसीलें बनाई गई हैं, जिससे तहसीलों की कुल संख्या मौजूदा 15 से बढ़कर 32 हो गई है।
उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद नए जिलों की कार्य प्रणाली को शुरू करना और लोगों के घर तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना है, ताकि जमीनी स्तर पर प्रशासन को मजबूत किया जा सके।
उन्होंने बताया कि ये नई तहसीलें सक्सेना द्वारा गठित केंद्र शासित प्रदेश-स्तरीय समिति की सिफारिशों पर बनाई गई हैं।
यह समिति नए जिलों के गठन की अधिसूचना (जो इस साल 27 अप्रैल को जारी हुई थी) के बाद बनाई गई थी।
समिति ने मौजूदा प्रशासनिक इकाइयों (जिनमें तहसीलें और राजस्व गांव शामिल हैं) में गंभीर कमियां पाईं, क्योंकि उनकी सीमाएं स्पष्ट रूप से तय नहीं थीं।
प्रवक्ता ने बताया कि इन मुद्दों को हल करने के लिए हर राजस्व ग्राम को एक तहसील और हर तहसील को एक जिले से जोड़ा गया है। इससे एक पारदर्शी, तार्किक और कुशल प्रशासनिक ढांचा तैयार हुआ है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी जिले की भौगोलिक सीमाओं में कोई बदलाव न हो।
पुनर्गठन के बाद, लेह जिले में पांच तहसीलें, करगिल में सात, चांगथांग में चार, नुब्रा में छह, जंस्कर में चार, शाम में पांच और द्रास में एक तहसील होगी।
सक्सेना ने मुख्य सचिव को तुरंत तहसीलदारों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हर तहसील के प्रमुख तहसीलदार या नायब तहसीलदार होंगे, और जहां भी नायब तहसीलदार तहसील के प्रभारी होंगे, उन्हें सहायक कलेक्टर की शक्तियां प्रदान की जाएंगी।
भाषा संतोष प्रशांत
प्रशांत

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