उपराज्यपाल ने जम्मू में मुबारक मंडी हेरिटेज परिसर का दौरा किया, मंदिर को हुए नुकसान का निरीक्षण किया

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उपराज्यपाल ने जम्मू में मुबारक मंडी हेरिटेज परिसर का दौरा किया, मंदिर को हुए नुकसान का निरीक्षण किया

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  • Publish Date - June 8, 2026 / 02:13 PM IST,
    Updated On - June 8, 2026 / 02:13 PM IST

जम्मू, आठ जून (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को जम्मू शहर के पुराने हिस्से में स्थित मुबारक मंडी हेरिटेज परिसर का दौरा किया और इसके निकट स्थित एक प्राचीन मंदिर को हुए नुकसान का भी निरीक्षण किया।

उपराज्यपाल के साथ मुख्य सचिव अटल डुल्लू भी थे। उन्होंने परिसर और मंदिर में चल रहे संरक्षण एवं पुनर्स्थापन कार्यों की समीक्षा की।

अधिकारियों के अनुसार, चार जून को बारिश के बाद मुबारक मंडी परिसर के बाहर स्थित लगभग 200 वर्ष पुराने गदाधर मंदिर की एक दीवार का हिस्सा ढह गया था, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता पैदा हो गई थी। लोगों ने दीवार ढहने का कारण मंदिर के पास चल रहे खुदाई और पुनर्स्थापन कार्यों को बताया था।

मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि हेरिटेज परिसर में 11 भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है, जिनमें से नौ से दस परियोजनाओं के मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि तवी नदी के किनारे पुराने शहर के मध्य में स्थित मुबारक मंडी डोगरा शासकों का शाही निवास था और 1925 तक यहीं से शासन चलता था, जिसके बाद अंतिम महाराजा हरि निवास पैलेस में स्थानांतरित हो गए थे।

वर्ष 2005 में मुबारक मंडी को संरक्षित स्मारक घोषित किया गया था और अगले वर्ष इसके संरक्षण एवं पुनर्स्थापन के लिए मुबारक मंडी जम्मू हेरिटेज सोसाइटी का गठन किया गया।

2008 में भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहर ट्रस्ट (इंटैक) द्वारा संरक्षण के लिए पहला दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया गया था, जबकि 2019 में एक व्यापक मास्टर प्लान को मंजूरी दी गई।

परिसर को छह जोनों में विभाजित किया गया है, जिनमें पब्लिक जोन, नॉलेज सेंटर, इंटरप्रिटेशन एंड कलेक्शन गैलरी, लाइफस्टाइल, एक्सपीरिएंशियल स्पेस और क्राफ्ट बाजार शामिल हैं।

इस मास्टर प्लान के तहत कुल 144.15 करोड़ रुपये विभिन्न उप-परियोजनाओं पर खर्च किए जाने हैं। कुछ परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष कार्य समय पर पूरा करने के लिए जल्द शुरू किए जाएंगे।

मंदिर भगवान विष्णु और लक्ष्मी को समर्पित है, जिसका निर्माण 19वीं सदी के मध्य में महाराजा गुलाब सिंह के शासनकाल में हुआ था और इसका प्रबंधन धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।

मुख्य सचिव ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत क्षेत्र में पार्किंग सुविधा बनाई जा रही है, जिसमें कम से कम 200 वाहनों के खड़े होने की क्षमता होगी। इसी निर्माण कार्य के दौरान मंदिर से सटी एक स्लैब गिर गई थी, जिसकी मरम्मत शुरू हो चुकी है और जल्द पूरी होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि अब तक 11 भवनों में से कई परियोजनाएं लगभग 80 से 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं और मार्च 2027 तक इनके पूर्ण होने की संभावना है। इसके अलावा पांच नई परियोजनाओं पर भी काम की योजना है, जिनमें लाइट एंड साउंड शो और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव