धार, 25 मई (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को भोजशाला परिसर में पूजा-अर्चना करने के बाद कहा कि धार में ‘मां सरस्वती लोक’ और ‘राजा भोज शोध संस्थान’ की स्थापना की जाएगी।
हाल ही में उच्च न्यायालय ने भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित एक हिंदू मंदिर घोषित किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार में ‘मां सरस्वती लोक’ और ‘राजा भोज शोध संस्थान’ स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने हालांकि इसके स्वरूप का विस्तृत विवरण नहीं दिया, लेकिन माना जा रहा है कि सरस्वती लोक ज्ञान की देवी को समर्पित एक आध्यात्मिक गलियारा होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 750 वर्षों में पहली बार भोजशाला में देवी वाग्देवी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और यह पहला अवसर है जब किसी मुख्यमंत्री ने यहां अनुष्ठान किया है।’’
यादव ने धार के विकास का आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार शहर के निवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, भोजशाला परिसर में प्रवेश के बाद मुख्यमंत्री ने देवी वाग्देवी के चित्र के समक्ष ध्यान लगाया और आरती में भी भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार राजा भोज की नगरी है, जिन्हें मालवा क्षेत्र से जुड़े सम्राट विक्रमादित्य और हर्षवर्धन के समकक्ष माना जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘राजा भोज ने अनेक ग्रंथों की रचना की और प्राचीन महत्व की कई इमारतों का निर्माण कराया। उन्होंने विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बनवाया। उन्होंने नदी के मुख्य प्रवाह को रोकने के बजाय भोपाल तालाब का निर्माण कराया। उनकी तकनीक से विद्वान भी आश्चर्यचकित हैं।’’
यादव ने कहा कि राजा भोज ने एक सम्मेलन आयोजित कर उसमें भाग लेने वाले कवियों को सोने की ईंट पुरस्कार स्वरूप दी थीं, जो हमारे गौरवशाली अतीत का प्रमाण है।
भोजशाला मामले में उच्च न्यायालय के फैसले का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब धार एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने इस फैसले के लिए धार के लोगों को बधाई दी।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने अपने फैसले में भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर बताया था और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सात अप्रैल 2003 के उस आदेश को निरस्त कर दिया था, जिसमें मुसलमानों को प्रत्येक शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह निर्णय 750 वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। अदालत ने इस मामले में सही निर्णय दिया है। आने वाले समय में हमें धार जिले को और आगे बढ़ाने का संकल्प लेना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने मां सरस्वती के दर्शन कर धार के विकास का संकल्प लिया है। हम इसे मां सरस्वती की भूमि बनाएंगे। यहां लोगों की सभी इच्छाएं पूरी होंगी। यह पर्यटन और साहित्य का केंद्र बनेगा।’’
राजा भोज के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भी जल संरक्षण से जुड़े अनेक कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर 88 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 12 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
भाषा
सं, ब्रजेन्द्र, दिमो रवि कांत