देवास/इंदौर, 14 मई (भाषा) मध्यप्रदेश के देवास जिले में बृहस्पतिवार को एक पटाखा कारखाने में हुए धमाके में कम से कम तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 25 श्रमिक घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि कारखाने के मालिक को सख्त प्रावधानों वाले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया है और घटना का कारण जानने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ऋतुराज सिंह ने टोंक कलां क्षेत्र में संचालित पटाखा कारखाने के लाइसेंसी मालिक अनिल मालवीय पर एनएसए लगा दिया है और उसे गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई पटाखा लाइसेंस का गलत तरीके से उपयोग करने और इसकी नियम-शर्तों के उल्लंघन को लेकर पुलिस अधीक्षक की सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि मालवीय के नाम जारी पटाखा लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मजदूरों के हाल-चाल जाने। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि कारखाना मालिक को गिरफ्तार करने के साथ ही घटना की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
राज्य के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि केंद्र सरकार के पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ), राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अपराध विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारी पटाखा कारखाने में हुए धमाके की जांच कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार उचित कानूनी कदम उठाएगी।
जिलाधिकारी ऋतुराज सिंह ने बताया कि पटाखा कारखाने में लगी आग में अब तक तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 25 श्रमिक घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि घायलों का देवास और इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि कारखाने के मालिक अनिल मालवीय के नाम पटाखे बनाने और बेचने को लेकर दो लाइसेंस जारी किए गए थे।
उन्होंने बताया,’पहली बार ये लाइसेंस पिछले साल 23 दिसंबर को जारी किए गए थे। इनका नवीनीकरण इस साल छह मई को किया गया था।’
सिंह के मुताबिक इस कारखाने में 15 दिन पहले ही छोटे पटाखे बनाने का काम शुरू हुआ था।
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मौके पर पहुंचे और घटना के लिए प्रदेश सरकार के खिलाफ निशाना साधा।
पटवारी ने कहा,‘‘यह घटना बताती है कि प्रदेश में चीन से कच्चा माल आयात करने वाला बारूद माफिया का दबदबा स्थापित हो चुका है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि पटाखा कारखाने के मालिक को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं का संरक्षण हासिल है।
पटवारी ने दावा किया कि कारखाने में बनने वाले पटाखों का अवैध भंडारण कृषि उत्पादों के वेयर हाउस में किया जा रहा था और कारखाने में 40 से ज्यादा नाबालिग लड़के काम कर रहे थे।
उन्होंने मांग की कि कारखाने की गड़बड़ियां रोकने में कथित नाकामी के लिए जिलाधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाए।
भाषा
हर्ष रवि कांत