मप्र: महिला एवं उसके गर्भस्थ जुड़वा शिशुओं की मौत, परिजनों का समय से एंबुलेंस न मिलने का आरोप
मप्र: महिला एवं उसके गर्भस्थ जुड़वा शिशुओं की मौत, परिजनों का समय से एंबुलेंस न मिलने का आरोप
मंडला (मध्यप्रदेश), दो सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल मंडला जिले में मंगलवार शाम कथित तौर पर समय रहते अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण एक महिला और उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा शिशुओं की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
जिले के बीजाडांडी विकासखंड के ग्राम सलैया की रुक्मणी नरेती (28) के पति प्रीतम नरेती ने आरोप लगाया कि प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने जननी एंबुलेंस सेवा के लिए फोन किया था, लेकिन एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी।
हालांकि, एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिला ‘सिकल सेल’ बीमारी से पीड़ित थी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी एवं बच्चों की मौत हो चुकी थी।
‘सिकल सेल’ रोग से पीड़ित महिलाओं को गर्भावस्था से पहले और गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है।
जननी एक्सप्रेस यानी जननी एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने की सरकारी सेवा है।
प्रीतम नरेती ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं और मंगलवार शाम करीब चार बजे उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
उन्होंने दावा किया कि मदद के लिए जब 108 नंबर पर जननी एम्बुलेंस को सूचना दी गई तो ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर ने उन्हें जवाब दिया कि उनके पास अभी कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं है, इसलिए वे अपने किसी निजी साधन से मरीज को ले जाएं।
उन्होंने बताया कि इसके बाद परिवार ने गांव से ही एक गाड़ी बुलवाई और बीजाडांडी के शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए निकल पड़े।
मृत महिला के पति ने बताया कि रास्ता बहुत खराब था, जिसके कारण चालक को बहुत धीरे-धीरे गाड़ी लानी पड़ी।
सलैया से बीजाडांडी मुख्यालय की दूरी करीब ढाई किलोमीटर है, जिसमें गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला करीब एक किलोमीटर का रास्ता कच्चा है।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। प्रीतम का आरोप है कि 108 एंबुलेंस की कमी और समय पर एम्बुलेंस न मिल पाने की वजह से यह घटना घटी।
बीजाडांडी शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डा. अक्षय हरदहा ने बताया कि महिला पहले से ही ‘सिकल सेल’ बीमारी से पीड़ित थी।
उन्होंने कहा कि महिला के पति और परिवार के सदस्य उसे शाम 5.10 बजे अस्पताल लेकर आए थे और जांच के बाद शाम 5.25 बजे महिला को मृत घोषित कर दिया गया तथा इसकी सूचना स्थानीय थाने को दे दी गई।
डा. हरदहा ने बताया कि महिला नियमित रूप से ‘चेकअप’ के लिए अस्पताल आती थी, जिसे समय-समय पर जिला अस्पताल मंडला और मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर भी किया गया था।
उन्होंने कहा कि सोनोग्राफी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई थी कि महिला के गर्भ में जुड़वा शिशु हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में जांच के दौरान गर्भस्थ शिशुओं की भी जांच की गई, लेकिन उनमें सांस या हृदय की कोई गति नहीं थी, जिसके कारण गर्भ में ही दोनों शिशुओं की भी मृत्यु हो गई।
भाषा सं ब्रजेन्द्र राजकुमार
राजकुमार

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