मालदा जिला प्रशासन ने आईओसीएल बॉटलिंग संयंत्र में रासायनिक हादसे से निपटने के लिए ‘मॉक ड्रिल’ की

Ads

मालदा जिला प्रशासन ने आईओसीएल बॉटलिंग संयंत्र में रासायनिक हादसे से निपटने के लिए 'मॉक ड्रिल' की

  •  
  • Publish Date - August 21, 2026 / 02:53 PM IST,
    Updated On - August 21, 2026 / 02:53 PM IST

मालदा (पश्चिम बंगाल), 21 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल में मालदा जिला प्रशासन ने शुक्रवार को नारायणपुर स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के बॉटलिंग संयंत्र में रासायनिक आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का आकलन करने के लिए व्यापक ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सुबह नौ बजे शुरू हुए अभ्यास में रासायनिक रिसाव के बाद आग लगने की स्थिति का अभ्यास किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), नागरिक सुरक्षा, दमकल सेवा, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों ने समन्वित तरीके से कार्रवाई की।

‘मॉक ड्रिल’ में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, तलाश एवं बचाव अभियान और घायलों के प्रबंधन का अभ्यास किया गया। पास के एक स्कूल में बने राहत केंद्र को स्वास्थ्य जांच केंद्र के रूप में निर्धारित किया गया, जबकि गंभीर रूप से घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को ट्रॉमा सेंटर बनाया गया।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), जिला चिकित्सा एवं नागरिक सुरक्षा प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचई), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने भी अभ्यास में हिस्सा लिया।

मालदा के जिलाधिकारी राजनवीर सिंह कपूर ने कहा कि ‘मॉक ड्रिल’ लोगों की जान की सुरक्षा और आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

अतिरिक्त जिलाधिकारी अनिंद्य सरकार और अनुमंडल अधिकारी संभूद्वीप सरकार ने कहा कि इस अभ्यास से मौजूदा प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता जांचने और उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिली, जिनमें और सुधार की जरूरत है।

भाषा प्रचेता संतोष

संतोष