नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अनिवार्य नवीनीकरण शुल्क का भुगतान नहीं करने वाले 15 निवेश सलाहकारों के पंजीकरण प्रमाणपत्र शुक्रवार को रद्द कर दिए।
सेबी (निवेश सलाहकार) विनियम, 2013 के तहत पंजीकृत निवेश सलाहकारों को अपना पंजीकरण वैध बनाए रखने के लिए हर पांच साल में नवीनीकरण शुल्क का भुगतान करना होता है।
नियामक ने पाया कि इन 15 सलाहकारों ने निर्धारित अवधि के भीतर नवीनीकरण शुल्क का भुगतान नहीं किया।
सेबी ने जून में इन संस्थाओं को नोटिस जारी कर पूछा था कि उनके पंजीकरण को निलंबित या रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, निर्धारित समयसीमा के भीतर संस्थाओं की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
नियामक ने कहा कि नवीनीकरण शुल्क का भुगतान नहीं किए जाने के कारण इनका पंजीकरण प्रभावी नहीं रहा और इसलिए इनके पंजीकरण प्रमाणपत्र तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए।
सेबी ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण रद्द होने से इन सलाहकारों की पूर्व में पंजीकृत निवेश सलाहकार के रूप में की गई गतिविधियों से उत्पन्न देनदारियां समाप्त नहीं होंगी।
जिन 15 निवेश सलाहकारों का पंजीकरण रद्द किया गया है, उनमें कैपविजन इन्वेस्टमेंट एडवाइजर, वाइज फिनसर्व, हार्दिक महेंद्रकुमार शुक्ला, शरणजीत सिंह, मनी इंडिया रिसर्च, एक्सफिनिटी वेंचर पार्टनर्स एलएलपी और तान्या गुप्ता शामिल हैं।
भाषा यासिर पाण्डेय
पाण्डेय