ममता बनर्जी ने ईद से पहले अधिकारियों के तबादलों पर सवाल उठाए

ममता बनर्जी ने ईद से पहले अधिकारियों के तबादलों पर सवाल उठाए

ममता बनर्जी ने ईद से पहले अधिकारियों के तबादलों पर सवाल उठाए
Modified Date: March 17, 2026 / 05:15 pm IST
Published Date: March 17, 2026 5:15 pm IST

(फाइल फोटो सहित)

कोलकाता, 17 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर विधानसभा चुनाव से पहले वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले किये जा रहे हैं।

उन्होंने चेताया कि राज्य में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में निर्वाचन आयोग और भाजपा जिम्मेदार होंगे।

विधानसभा चुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची की घोषणा करते हुए पत्रकारों से बातचीत में बनर्जी ने ईद से ठीक पहले प्रमुख प्रशासनिक पदों पर किए गए परिवर्तनों के समय पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, ‘‘ईद से ठीक पहले वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला क्यों किया जा रहा है? क्या चुनाव से पहले दंगे भड़काने का कोई इरादा है?”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि तबादलों की सूची भाजपा कार्यालय में तैयार की गई और निर्वाचन आयोग ने केवल इसे लागू किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के बाहर के कुछ अधिकारियों को भाजपा को चुनावी प्रक्रिया में सहायता देने के लिए लाया गया है। बनर्जी ने कहा, ‘भाजपा की मदद के लिए राज्य के बाहर से कुछ लोगों को लाया गया है।’

निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए टीएमसी प्रमुख ने कहा कि आयोग भाजपा की ओर से ‘अच्छा खेल खेल रहा है।’ बनर्जी ने कहा, ‘उन्हें सीधे भाजपा के लिए प्रचार करना चाहिए।’

उन्होंने दावा किया, ‘अधिकारियों को इसलिए बदला गया है, ताकि बिना किसी बाधा के भाजपा को धन और हथियार आसानी से हस्तांतरित किए जा सकें।’

चुनाव अवधि के दौरान किसी भी घटना के होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए बनर्जी ने कहा कि इसके लिए भाजपा और निर्वाचन आयोग दोनों को जवाबदेह होना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘अगर कुछ अप्रिय घटना घटती है, तो भाजपा और निर्वाचन आयोग जिम्मेदार होंगे। अगर कुछ गलत होता है, तो उन्हें जवाबदेह होना चाहिए।’

टीएमसी प्रमुख ने राज्य में भाजपा के राजनीतिक प्रचार अभियान पर भी हमला किया और पार्टी पर उनकी सरकार के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

रविवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद, निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा का तबादला कर दिया। इसके बाद, आयोग ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पीयूष पांडे और कोलकाता के मुख्य सचिव सुप्रतिम सरकार को भी पद से हटा दिया।

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। मतगणना चार मई को होगी।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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